
इनसे बनती है वैदिक राखी
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राखी को रक्षा सूत्र भी कहा जाता है। अगर यह रक्षा सूत्र वैदिक विधि से बनी हुई वैदिक राखी हो तो वह भाई को हर संकट से बचा कर रखेगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित ह्रदय रंजन शर्मा ने बताया कि घास, चावल, केसर, चंदन, सरसों के दाने आदि से बनी वैदिक राखी आजकल बाजार में बिक रहीं मंहगी से मंहगी राखियों से कहीं पवित्र और असरदार है। वैदिक राखी बनाकर पहले भगवान को अर्पित करें, फिर अपने भाई की कलाई पर घर में ही बनी वैदिक राखी को बांधें, आखिर यह आपके भाई की रक्षा से जो जुड़ी है।

इन वस्तुओं से बनती है वैदिक राखी
-दूर्वा यानी घास
दूर्वा यानी घास चूंकि भगवान गणेश को प्रिय है और वह विघ्नहर्ता हैं, इसलिए वैदिक राखी में घास का उपयोग किया जाता है।
-अक्षत यानी चावल
पूजा में अक्षत यानी चावल का अपना ही महत्व होता है, इसलिए चावल को वैदिक राखी में रखा जाता है।
-चंदन
चंदन शीतल और सुगंधित होता है, इसलिए वैदिक राखी में चंदन को रखा जाता है, ताकि भाई का जीवन महकता रहे।
-सरसों के दाने
सरसों के दाने को वैदिक राखी में इसलिए रखा जाता है कि ताकि भाई को नजर न लगे।
-लाल रंग का कपड़ा
घास, चावल, केसर, चंदन, सरसों के दाने आदि को लाल रंग के कपड़े के अंदर रखे जाते हैं।
-कलावा
लाल रंग के कपड़े में रखकर उसको पवित्र कलावे से बांध दिया जाता है, फिर उसे भाई की कलाई पर बांध दिया जाता है।
