पड़ताल
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पॉश कॉलोनियों में तो और भी अधिक कीमतों पर बिक रही सब्जी
खाने की थाली महंगी होने से लोगों के किचन का बजट गड़बड़ाया
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी में सब्जियां के दामों पर किसी का कोई नियंत्रण नहीं है। हर क्षेत्र में फुटकर सब्जी विक्रेता मनमानी दरों पर सब्जियां बेच रहे हैं। शहर की पॉश कॉलोनियों में तो ठेले वाले बहुत अधिक कीमतों पर सब्जियां बेच रहे हैं। वहीं, मंडी से बाहर आते ही सब्जियां डेढ़ गुना तक महंगी बिक रही हैं। खाने की थाली महंगी होने से लोगों के किचन का बजट गड़बड़ा गया है।
बारिश के सीजन में सब्जियों की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हो गई थी। अभी भी कई सब्जियों की कीमतें कम नहीं हुई हैं। दूसरी तरफ, शहर के अलग-अलग इलाकों में फुटकर विक्रेता सब्जियों को मनमानी दरों पर बेच रहे हैं। रविवार को अमर उजाला की पड़ताल में बस स्टैंड के पास स्थित मंडी और उसके बाहर बिकने वाली सब्जियों के दामों में डेढ़ गुना तक अंतर मिला। मंडी से बाहर आलू, लौकी, प्याज, लहसुन और गोभी करीब डेढ़ गुना मूल्य पर बिकते मिले। टमाटर और तरोई की कीमत में 20 रुपये प्रति किलो का अंतर था। हालांकि, भिंडी, करेला और शिमला मिर्च के दामों में बहुत अंतर नहीं मिला। वहीं, शहर के पॉश इलाकों और बड़ी कॉलोनियों में ठेले वाले भी मनमाफिक दामों पर सब्जियां बेच रहे हैं। इस वजह से कई लोग सीधे मंडी जाकर सब्जियां खरीद रहे हैं।
ये बोले लोग
मंडी के बाहर सब्जियां 40 से 50 फीसदी अधिक दामों पर बिक रही हैं। इस पर लगाम लगाई जानी चाहिए। रियायती दरों पर सब्जी खरीदने के लिए मंडी आया हूं। – संदीप राजपूत, महाराणा प्रताप नगर।
सब्जी मंडी की तुलना में शहर के अन्य स्थानों पर सब्जियां डेढ़ गुना तक महंगी मिलती हैं। इससे किचन का बजट गड़बड़ा जाता है। सप्ताह में एक दिन मंडी में सब्जी खरीदने आती हूं। – दीपा कुमारी, कैंट
ये है अंतर
सब्जी मंडी बाहर
आलू 30 45
लौकी 30 50
प्याज 35 50
भिंडी 40 50
करेला 50 60
टमाटर 60 80
तरोई 60 80
गोभी 80 120
शिमला मिर्च 120 130
लहसुन 280 400
(नोट : सब्जियों के फुटकर मूल्य रुपये प्रति किलो में)
वर्जन..
अगर कोई सब्जी की जमाखोरी करता है तो कार्रवाई की जाएगी। मंडी के बाहर फुटकर व्यापारियों पर कार्रवाई करने का अधिकार हमारे पास नहीं है। – बीएल सिंह, मंडी सचिव
