
आगरा में वाटर वर्क्स फ्लाईओवर पर टक्कर के बाद हाईवे के डिवाइडर पर चढ़ने वाले ट्रेलर को पुलिस और एनएचएआई की टीम 24 घंटे बाद हटा पाई। उसमें लदे पत्थर को दूसरे ट्रक में लोड करने में सुबह 10 बजे से शाम के तीन बज गए। तब जाकर वाहन फ्लाईओवर से निकल सके। इस दौरान लोगों को भीषण जाम में जूझना पड़ा। चिलचिलाती धूप में तीन किलोमीटर की दूरी को तय करने में चार घंटे लग गए। जाम में एंबुलेंस और स्कूल जाने वाले वाहन बच्चों को लेकर फंस गए। हाईवे पर जाम शाम तक सामान्य हो पाया। रविवार दोपहर को अब्बू उलाह की दरगाह के पास एक ट्रेलर कार से टकरा गया था। चालक घबराकर वहां से ट्रेलर को तेजी से लेकर भागा। वाटर वर्क्स फ्लाईओवर पर चढ़ते समय चालक नियंत्रण खो बैठा और मैक्स में टक्कर मार दी। ट्रेलर हाईवे के डिवाइडर पर चढ़ गया। उसका डीजल टैंक फट गया। ट्रेलर में पत्थर लदे थे। तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची। उसने क्रेन से उसे हटाने को प्रयास किया। पत्थर लदे होने से वह साइड नहीं हो सका। पुलिस को फ्लाईओवर को वाहनों के लिए बंद करना पड़ा। रात करीब 12 बजे दूसरे ट्रक में पत्थर लादने को मजदूर लाए गए, लेकिन उनकी संख्या कम थी वह पत्थर उतारने को तैयार न हुए। इसके बाद सुबह 10 बजे मजदूरों ने पत्थरों को दूसरे ट्रक में लादना शुरू किया और उन्हें इस काम तीन बज गए। उस समय तक वाटर वर्क्स से भगवान टॉकीज फ्लाईओवर तक जाम लगा रहा। इसमें दिन भर वाहन जाम में फंसे रहे । सुबह के समय स्कूल वाहन बच्चों को लेकर स्कूल देर से पहुंच सके। वाहनों को भगवान टॉकीज से वाटर वर्क्स तक पहुंचने में चार घंटे का समय लग रहा था। 24 घंटे बाद ट्रेलर हटने पर आवागमन सामान्य हो सका।
