veins of legs are being treated like heart In SGPGI now there is no need to cut them

बिना चीरा-टांका लगाए लेजर के जरिये बंद नसों को खोला जाता है।
– फोटो : विभाग

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मधुमेह या अन्य कारणों से पैर की धमनियों में होने वाली रुकावट का इलाज अब आसान हो गया है। मरीज समय पर अस्पताल पहुंच जाए तो दिल की तरह पैर की नसों को भी खोला जा सकता है। इससे पैर काटने की जरूरत नहीं पड़ती है। यहां तक कि चीरा-टांका भी नहीं लगाना पड़ता है। यह संभव हुआ है अत्याधुनिक एंजियोप्लास्टी व एंडोवस्कुलर तकनीक से।

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एसजीपीजीआई का इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विभाग इस तकनीक से कई मरीजों के पैर बचाने में कामयाब हुआ है। मधुमेह अथवा अत्यधिक धूम्रपान करने वालों के पैर की धमनियों में रुकावट आती है। नसों में खून का बहाव कम होने से मरीज के पैर का निचला हिस्सा पहले नीला फिर काला पड़ने लगता है। इसका समय पर उपचार नहीं होने पर पैर काटने की नौबत आ जाती है। 



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