Verdict on SP leader Vikar murder case

अदालत का फैसला प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : एएनआई

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अलीगढ़ जिले के छर्रा क्षेत्र की राजनीतिक-आपराधिक वर्चस्व की रंजिश के बहुचर्चित सपा नेता विकार हत्याकांड में 16 जुलाई को पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। छठवें दोषी को हाजिर न होने पर फरार घोषित किया गया है। यह फैसला जिला जज संजीव कुमार सिंह की अदालत से सुनाया गया है। सजा पाने वालों में जिले के राजनीतिक दबंग हिस्ट्रीशीटर मुजाहिद हसन खां गुड्डू, पूर्व सपा जिला उपाध्यक्ष व कांग्रेस महानगर अध्यक्ष का भाई शान मियां भी शामिल है। 

ये घटना 6 मई 2006 की है। वादी मुकदमा बरला के गांव परौरा निवासी मकदूम के अनुसार शाम करीब पौने पांच बजे वह अपने छोटे भाई सपा नेता व पूर्व सपा विधायक वीरेश यादव के करीबी विकार के साथ कस्बा छर्रा बाजार में काम से आए थे। यहां से वे मो.पठानान में होकर निकल रहे थे। तभी मुशीर व नसीम उन्हें मिले और वह विकार को बातों में लगाकर अपने घर की गली में ले गए। जहां पहले से घात लगाए अन्य नामजद मुजाहिद गुड्डू, खालिद, शान मियां, जावेद बैठे थे। इन्होंने एकराय होकर सामने ही भाई का कत्ल कर दिया। इसके बाद आरोपी गाड़ियों में सवार होकर भाग गए।

मुकदमे के वादी मकदूम गोली से जख्मी विकार को कस्बे के ही नर्सिंग होम लेकर गए। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आधार पर आरोपियों पर दो बार में चार्जशीट दायर की। न्यायालय में लंबे समय तक सत्र परीक्षण चला। जिसमें साक्ष्यों व गवाही के आधार पर 12 जुलाई को निर्णय की तारीख नियत की थी। इस मौके पर मुशीर को छोड़कर सभी आरोपी हाजिर हुए और सभी छह को दोषी करार दिया था। पांचों को जेल भेजा गया था और मुशीर के वारंट जारी किए गए थे।

16 जुलाई को निर्णय की तारीख नियत थी। पांचों दोषी करार अपराधी कोर्ट में पेश किए। मगर मुशीर हाजिर नहीं हुआ। इस दौरान सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के समक्ष निर्णय सुनाते हुए पांचों को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड दिया। मुशीर को फरार घोषित करते हुए आर्म्स एक्ट के अपराध से बरी किया है। हालांकि, हत्या में वह 16 जुलाई को दोषी करार दिया जा चुका है।



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