फिरोजाबाद के चनौरा स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट पर पड़ रहा है। प्लांट में भी गीले और सूखे कूड़े को एक ही जगह डंप किया जा रहा है, जिससे अनिवार्य पृथक्करण प्रक्रिया नहीं हो पा रही है और रिसाइक्लिंग का काम ठप्प है। चनौरा स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट पर निर्माण सामग्री अपशिष्ट के प्रबंधन के लिए करोड़ों रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक मशीन लगाई गई थी, ताकि शहर से निकलने वाले वेस्ट का उचित निस्तारण हो सके। यह मशीन पिछले चार माह से बंद पड़ी है।
कूड़े से खाद बनाने की महत्वाकांक्षी परियोजना भी फेल हो गई है, जबकि निस्तारण प्लांट पर करोड़ों की मशीनें बंद पड़ी हैं और गीला-सूखा कूड़ा एक साथ उठाया जा रहा है। नगर निगम द्वारा कूड़े-कचरे से खाद बनाने की पहल को बड़ा झटका लगा है। निर्मित खाद की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई है, जिसमें खतरनाक रूप से कांच के कण निकल रहे हैं। इस गंभीर अनियमितता के चलते जिम्मेदार संस्थान को खाद बनाने का काम तत्काल प्रभाव से बंद करना पड़ा है। मिट्टी में कांच के कणों का मिलना पर्यावरण और कृषि उपयोग के लिए बड़ा खतरा है।
पृथक्करण में बड़ा झोल, एक साथ उठ रहा गीला-सूखा कूड़ा
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। शहर में घर-घर से कूड़ा एकत्रिकरण के दौरान ही सबसे बड़ी चूक हो रही है। गीला और सूखा कूड़ा एक साथ उठाया जा रहा है।