हरथला मोहल्ले में शुक्रवार की सुबह ऐसा मंजर बना जिसे शायद ही कभी किसी ने सोचा होगा। सुकून भरी सुबह अचानक गुर्राहट में बदल गई। छतों पर तेंदुए की उछलकूद के बीच लोगों की नींद खुली तो आंखों में खाैफ छा गया। रामलीला मैदान से शुरू हुआ यह डर गंगा मंदिर तक पहुंच और आखिरकार मेघराम प्रजापति के घर के बाथरूम में जाकर थमा।

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तेंदुए को देखने के लिए मोहल्ले में उमड़ी भीड़
– फोटो : संवाद
करीब पांच घंटे तक चले सांस रोक देने वाले रेस्क्यू के बाद वन विभाग ने तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में कैद कर लिया। राहत की बात रही कि किसी को खरोंच तक नहीं आई। सुबह करीब पांच बजे नमाज पढ़ने जा रहे फिरोज ने रामलीला मैदान के पास सबसे पहले तेंदुए को देखा।

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मोहल्ले में उमड़ी भीड़
– फोटो : संवाद
अंधेरे और सन्नाटे के बीच तेंदुए को देख उन्होंने शोर मचा दिया। आवाज सुनते ही आसपास के लोग घरों से झांकने लगे। तब तक तेंदुआ एक मकान से दूसरे मकान की छत पर छलांग लगा चुका था। कोमल, चंदन, तुलाराम, राजकुमार और दानिश समेत करीब दस मकानों की छतों पर दौड़ता हुआ वह गंगा मंदिर की दिशा में बढ़ गया।

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मुरादाबाद में तेंदुए को देखने के लिए मोहल्ले में उमड़ी भीड़
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सुबह करीब सात बजे वह राजेंद्र के घर की छत पर पहुंचा। उसी समय उनकी बेटी संजना नींद से उठकर बाहर आई। सामने तेंदुए को देख उसकी चीख निकल गई। चीख सुनकर परिवार के लोग भागकर बाहर आए, तब तक तेंदुआ मंदिर की धर्मशाला की छत पर चढ़ चुका था।

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लोगों को हटाती पुलिस
– फोटो : संवाद
मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने-अपने घरों के दरवाजे बंद करने लगे, तो कुछ छतों पर चढ़कर दूर से नजारा देखने लगे। भीड़ बढ़ती देख तेंदुए ने एक और लंबी छलांग लगाई और मेघराम प्रजापति के मकान की छत पर पहुंच गया। ऊपरी मंजिल पर बने कमरों और खिड़कियों में दरवाजे नहीं थे, जिससे वह जीने से नीचे उतर आया।
