आगरा के तहसील किरावली क्षेत्र के गांव नागर में चकरोड संख्या-24 को निर्माणाधीन कीठम–भांडई बाईपास तीसरी रेल लाइन से बंद किए जाने के विरोध में विगत 81 दिन से चल रहा किसानों का धरना शुक्रवार को उग्र हो गया। आक्रोशित किसानों ने भू-समाधि लेने का निर्णय लिया। पहले पांच किसानों द्वारा भू-समाधि की चेतावनी दी गई, लेकिन माहौल अधिक गर्म होने पर गांव के किसान सुखपाल, बलवीर, शिवराम, अशोक, दीवान, मेंबर, रामबाबू, करणपाल, वीरपाल एवं किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह समेत कुल 10 किसान भू-समाधि लेने करीब दो बजे बैठ गए। मौके पर काफी संख्या में किसान मौजूद रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार शुभ्रा अवस्थी, एसीपी अछनेरा शैलेन्द्र सिंह, रेल विकास निगम लिमिटेड के एजीएम पीके शर्मा, विधिक सलाहकार आरबीएस भदौरिया, थानाध्यक्ष अछनेरा देवेन्द्र कुमार द्विवेदी तथा चौकी इंचार्ज कुकथला अमित बालियान मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। अधिकारियों ने जिलाधिकारी से मंगलवार को एक बैठक कर समाधान का निकालने का आश्वासन दिया। उसके बाद ही किसान भू-समाधि से उठने पर सहमत हुए। किसानों ने बताया कि रेल लाइन बिछने से चकरोड बंद हो जाने के कारण अब उन्हें खेतों तक पहुंचने के लिए चार से पांच गुना अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाएंगे। प्रदर्शन में किसान नेता सत्यपाल सिंह जुरैल, रामखिलाड़ी कुशवाह, बाबूलाल, गंगाराम माहौर, मुकेश सविता, डॉ. बनी सिंह, प्रमोद नरवार, राजकुमार, बॉबी गोला, दाताराम लोधी, मंजू देवी, दीक्षा शर्मा, सुमन सिकरवार, प्रदीप राणा, मेघ सिंह सोलंकी, वेद प्रकाश सोलंकी, सोनू नरवार, गुड्डू, भूरा नरवार, श्याम पंडित, कृष्णा, राजेंद्र सिंह, अजयपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।



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