
आगरा के फतेहाबाद के गांव टरकपुरा के दिनेश की 13 वर्षीय पुत्री राखी जूना अखाड़े में शामिल हुई थी। मगर, नाबालिग होने के कारण घर भेज दी गई थी। 23 दिन बाद राखी परिजन के साथ गांव लौटी। उनका कहना है कि वह जीवन भर साध्वी बनकर ही रहेगी। प्रयागराज कुंभ से माता-पिता के साथ लौटी राखी ने कहा कि 25 दिसंबर 2024 को कुंभ में शामिल होने गई थी। उन्होंने बताया कि कुछ दिन रहने के बाद अच्छा नहीं लगा। इस पर माता-पिता से कहा कि घर चलो। लेकिन, उसी रात्रि में बचपन की इच्छा जागृत हुई कि मुझे साध्वी बनना है। उन्होंने कहा कि मैं जूना अखाड़े से अनुरोध करती हूं कि गुरु को फिर से जूना अखाड़े में शामिल किया जाए।
