झांसी और बुंदेलखंड की पहचान देश और प्रदेश के सूखाग्रस्त इलाकों में होती है।झांसी में औसत बारिश कई सालों वाद हो पाती है। लेकिन इस बार बारिश का आंकड़ा 700 मिली मीटर के ऊपर निकल चुका है। यह 5 साल बाद हुआ है। आज 15 सितंबर को मानसून के सीजन का आखिरी दिन है। बावजूद मौसम विभाग मानसून के सक्रिय रहने का असर जाता रहा है। झांसी में हर और हरियाली छाई हुई है। बाँध तालाब भरे हुए हैं। लोग खुश हैं कि उन्हें पानी के लिए अगले एक साल परेशान नहीं होना होगा।
