
पानी की कमी से जूझ रहे बुंदेलखंड की महिलाओं ने जल संरक्षण को लेकर एक अनूठी पहल की है। सामाजिक संस्था परमार्थ के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने जल बैंड बनाया है। इस बैंड में शामिल महिलाएं ढोलक बजाकर गीत गाते हुए जल संरक्षण का संदेश देती हैं। महिलाएं गीत बुंदेली बोली में गाती हैं। गीत के बोल कुछ इस प्रकार रहते हैं- ‘पानी नई बगराने हैं, पानी खौं बचाने हैं…’
