गंजडुंडवारा। सरकार ने गंगा के बढ़े जलस्तर की चपेट में आए गांवों के ग्रामीणों के लिए बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है। ग्रामीणों ने राहत सामग्री के अनियमित वितरण का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि लेखपाल द्वारा अपने लोगों की सूची बनाई गई है।बुधवार को सरकार की तरफ से गांव नेथरा में बाढ़ राहत सामग्री वितरित की गई। इसमें बाढ़ पीड़ित लोगों के लिए सरकार ने एक पैकेट में लाई, 5 किलो भुना चना, 2 किलो गुड़, 1 किलो प्लास्टिक पैक में बंद बिस्कुट के 10 पैकेट, माचिस, मोमबत्ती और नहाने के दो साबुन हैं। दूसरे पैकेट में 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 2 किलो अरहर की दाल, हल्दी 200 ग्राम, मिर्च 100 ग्राम, सब्जी मसाला 200 ग्राम, एक लीटर सरसों का तेल व एक किलो नमक है। ग्रामीण वीर सिंह ने आरोप लगाया कि उसके परिवार में 13 सदस्य हैं। उन्हें राहत सामग्री नहीं मिली। अजीम ने बताया कि सूची को पक्षपात पूर्ण तरीके से बनाया गया है। उनके परिवार में किसी को भी राहत सामग्री नहीं मिली। इसी तरह के आरोप शाकिर अली, परवेज मियां, छोटी बेगम, सहाव अली, शाहीन, बाकर अली आदि ने भी लगाए। लेखपाल ने तिरपाल का वितरण भी नहीं किया है। वहीं लेखपाल विशाल ने बताया कि गांव नेथरा में वितरण के लिए बाढ़ राहत सामग्री के 63 पैकेट शासन की तरफ से आए हैं लेकिन सूची 72 लोगों की है। ऐसे में कुछ ग्रामीण रह गए हैं।
