Thakurji will give darshan sitting on the silver moon

ठाकुर राधारमण महाराज
– फोटो : अमर उजाला

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मथुरा के वृंदावन के प्राचीन राधारमण मंदिर में शरद पूर्णिमा उत्सव दो दिन मनाया जाएगा। मंदिर में 28 अक्तूबर को बड़ी शरद पूर्णिमा और 29 अक्तूबर को छोटी शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी। मंदिर के सेवायत गोस्वामियों द्वारा तैयारियां की जा रही हैं। इसके लिए विशेष पकवान मंदिर की रसोई में बनाए जाएंगे।

दो दिन होगा उत्सव

ठाकुर राधारमण मंदिर में बड़ी दिवाली और छोटी दिवाली की तर्ज पर दो दिन 28 को बड़ी शरद पूर्णिमा और 29 को छोटी शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी। पहले दिन आराध्य गर्भगृह से बाहर जगमोहन में चंद्रग्रहण के कारण दोपहर 3:45 बजे तक चांदी के चंद्रमा सिंहासन पर विराजमान होंगे। ठाकुरजी का विशेष भोग चंद्रकला और मखाने की खीर का भोग लगाया जाएगा। दोपहर 3:45 बजे इसके बाद शयन आरती होकर मंदिर के पट बंद हो जाएंगे।

चांदी के चंद्रमा सिंहासन पर विराजमान होंगे ठाकुरजी

मंदिर के सेवायत पद्मनाभ गोस्वामी ने बताया 29 अक्तूबर को चांदी के चंद्रमा सिंहासन पर विराजमान हाकर गर्भगृह से बाहर जगमोहन में भक्तों को दर्शन देंगे। दूसरे दिन ठाकुरजी का लौकी की खीर का भोग लगाया जाएगा। यह दो दिन शरद पूर्णिमा मनाने की परंपरा सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है।

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मंदिर की रसोई में ही लगाया जाएगा भोग

मंदिर के सेवायत पदमलोचन गोस्वामी ने बताया कि मंदिर में छोटी शरद पूर्णिमा 29 को मनाई जाएगी। इसमें प्रतिदिन की तरह शाम पांच बजे, रात के दस बजे तक जगमोहन में चांदी के चंद्रमा सिंहासन में विराजमान होकर ठाकुरजी दर्शन देंगे। शरद पूर्णिमा के बाद से ठाकुरजी गर्भगृह से ही प्रतिदिन भक्तों को दर्शन होंगे। ठाकुरजी का भोग मंदिर के बाहर से नहीं आता है। मंदिर की रसोई में ही भोग लगाया जाता है।

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