इटावा। शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर मुफ्त प्रवेश पाने का सपना देख रहे सैकड़ों अभिभावकों को बड़ा झटका लगा है। सत्यापन के दौरान जिले में आए कुल आवेदनों में से आधे से अधिक आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। विभाग के अनुसार, 1756 आवेदनों की जांच में केवल 687 ही पात्र मिले हैं, जबकि 1069 आवेदन रद्द कर दिए गए हैं।
बीएसए डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त होने का सबसे बड़ा कारण गलत वार्ड या ग्राम पंचायत का चयन रहा है। नियमानुसार, अभिभावक को अपने ही वार्ड या ग्राम पंचायत के स्कूल के लिए आवेदन करना होता है लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने दूसरे क्षेत्रों के स्कूलों के लिए दावेदारी पेश कर दी थी। इसके चलते उनके आवेदन निरस्त कर दिए गए है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब पात्र पाए गए 687 आवेदकों के लिए बुधवार को लॉटरी निकाली जाएगी। इस ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से ही बच्चों को स्कूलों का आवंटन किया जाएगा।
बीएसए ने बताया कि जिन बच्चों के आवेदन निरस्त किए गए है, वह अपने ही वार्ड या पंचायत में दूसरे चरण में आवेदन कर सकते है। दूसरे चरण के लिए ऑनलाइन आवेदन 21 फरवरी से सात मार्च तक लिए जा सकेंगे। जो अभिभावक अपने बच्चाें का प्रवेश आरटीई के तहत करवाना चाहते है वह दूसरे चरण की प्रक्रिया में प्रतिभाग कर सकते है। वहीं तीसरे और अंतिम चरण की प्रक्रिया 12 मार्च से शुरू होगी।