
जमुनहा के भेला गांव में भरा बाढ़ का पानी।
श्रावस्ती। जिले में बृहस्पतिवार को भले ही हल्की बारिश हुई हो, लेकिन नेपाल में मात्र छह घटे में 55.8 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। नेपाल के कुसुम बैराज से 51,214 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। नदी की उग्र लहरें तेजी से अपने तट पर कटान कर रही हैं।
तराई में विगत एक सप्ताह से कभी दिन में तो कभी रात में हो रही तेज बारिश से जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर बना हुआ है। बृहस्पतिवार को जिले में तीन एमएम वर्षा हुई। वहीं नेपाल सहित पहाड़ों पर 55.8 एमएम बारिश होने से राप्ती का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे जमुनहा बैराज पर राप्ती नदी का जलस्तर 127.80 सेंटीमीटर था। वहीं तीन बजे यह बढ़ कर 128.00 सेंटीमीटर पहुंच गया। जो खतरे के निशान (127.70) से 30 सेंटीमीटर अधिक है।
नेपाल के कुसुम बैराज पर कुसुम नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण उसका पानी भी राप्ती नदी में छोड़ने से जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिससे राप्ती की लहरें अपने तट पर बसे जमुनहा के रमवापुर, मांगला, लाहौर, मुनव्वर गांव, गुरुदत्त पुरवा, हरिहरपुर, बरुआ, पिपरहवा कोठी, बहारवा, भगवानपुर, भगवानपुर भैसाही, झिरझिरवा व भेला गांव के खेतों को जलमग्न करते हुए आगे बढ़ रही हैं। इसके साथ ही नदी की लहरें अपने तट पर बसे गिलौला के बैदौरा, कसियापुर, जमुनहा के बरंगा, घाटे पुरवा व इकौना के कुम्हारगढ़ी, जगरावल गढ़ी, टेंडवा सहित कई अन्य गांवों में भी कटान कर रही है। जहां लोगों के खेत फसल सहित नदी में विलीन हो रहे हैं। वहीं टेंडवा में लोगों के आशियाने निगलने के लिए राप्ती कटान करते हुए आगे बढ़ रही है।
