
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी
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भीषण गर्मी ने मुरादाबाद मंडल के लोगों को बेहाल कर दिया है। सुबह दस बजे के बाद से घरों से निकलना दूभर हो रहा है। जिला अस्पताल में भी मरीजों की भरमार है। चिकित्सकों का कहना है कि हीट स्ट्रोक से बचने के लिए दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक धूप में निकलने से बचना चाहिए।
गर्मी का कहर दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। भीषण गर्मी की वजह से पंखे और कूलर भी राहत नहीं दे पा रहे हैं। धूप निकलने के साथ ही शुरू होने वाली तपिश देर शाम तक बनी रहती है। इसकी वजह से बुखार और डायरिया की समस्या हो रही है।
शनिवार को तेज धूप और गर्म हवा से लोग बेहाल नजर आए। मुंह पर कपड़े बांधने के बाद भी लू के थपेड़े लग रहे थे। जिला अस्पताल में प्रतिदिन दो हजार से 22 सौ मरीजों की ओपीडी हो रही है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार के अनुसार सभी तरह की बीमारियों के प्रतिदिन सौ से 120 मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी को चक्कर आना, बुखार या उल्टी-दस्त की परेशानी हो रही है तो वह तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक धूप में न निकलें। यदि जरूरी कार्य के लिए निकलना है तो गमछा या कैप लगा लें। कॉटन के पूरी बाजू के कपड़े पहनना भी जरूरी है। फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों का आराम का समय यदि दोपहर में एक बजे से तीन बजे कर दिया जाए तो उनके स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। – डाॅ. राजेंद्र कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
यदि बच्चे का शरीर लगातार गर्म लग रहा है तो थर्मामीटर से तापमान जरूर जांचें। बच्चों को गुनगुने पानी से नहलाने के बजाय ताजा पानी से ही नहलाएं। दिन में एक-दो बार ताजा पानी और मुलायम सूती कपड़े से स्पंजिंग भी कर सकते हैं। छह माह से ऊपर वाले बच्चों को छाछ, दही, खीरा, तरबूज का सेवन करवा सकते हैं। सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक घर के बाहर न जाने दें। – डॉ. शलभ अग्रवाल, बाल रोग विशेषज्ञ
आंखों में जब भी जलन महसूस हो तो उसको न मलें। दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें। यदि आवश्यक कार्य से धूप में निकल रहे हैं तो धूप की तपिश से बचने के लिए चश्मा अवश्य लगाएं। दिन में तीन से चार बार आंखों को ठंडे पानी से धोएं। किसी भी तरह की परेशानी होने पर चिकित्सक को अवश्य दिखाएं। – डॉ. पल्लव अग्रवाल, नेत्र रोग विशेषज्ञ
इन सावधानियों का रखें ध्यान
- यदि धूप में निकल रहे हैं तो प्यास न लगने पर भी पानी पीएं।
- इलेक्ट्रॉल पाउडर, नमक चीनी का घोल और नींबू पानी का सेवन करें
- यदि चक्कर आ रहा है तो तुरंत छांव में बैठ जाएं और पानी पीएं
- खीरा, सत्तू, खिचड़ी, दही, लस्सी का सेवन जरूर करें।
- खाना पकाने के दो घंटे बाद तक खा लें
- सिर को गमछा से ढंकें और पूरी बाजू के कॉटन के कपड़े पहनें
- कटे हुए फलों का सेवन करने से बचें
