बाह। फिल्म निर्माता के घर पर फायरिंग के मामले में हरियाणा के झज्जर से बिजौली के दीपक शर्मा, रितिक यादव के साथ सनी जाटव, सोनू पुरवंशी की गिरफ्तारी हुई है। एक महीने पहले काम की तलाश में बिजौली से साथ गए सनी और सोनू की गिरफ्तारी से परिजन के साथ गांव के लोग भी हैरत में हैं। वो लाॅरेंस के गिरोह से कब जुड़ गए? इस बारे में कोई कुछ नहीं जानता है। उनकी गिरफ्तारी के बाद हर कोई उनकी चर्चा कर रहा है।
बिजौली निवासी विनोद कुमार के तीन बेटे सोनू, मोनू, शिवांशु हैं। इनमें सोनू सबसे बड़ा है। विनोद कुमार ने बताया कि मोनू जैतपुर में परचून की दुकान पर काम करता है, जबकि शिवांशु अभी सिर्फ 9 साल का है। चार बेटियों में से दो की शादी हो गई है। बेटियों की शादी में हुए कर्ज में दुकान और कुछ खेत बेचना पड़ा है। बेटा सोनू मुंबई में सब्जी की फड़ लगाकर गुजर बसर कर रहा था। कभी-कभी दिल्ली भी चला जाता था। विनोद कुमार ने बताया कि बेटा सोनू निर्दोष है, उसे फंसाया गया है।
दिल्ली में मां के साथ किराये पर रह रहा था सनी
वहीं राकेश का बेटा सनी जाटव दिल्ली में ठेल पर फल बेचने का काम करता है। पिता राकेश दिव्यांग हैं। छोटा भाई सचिन, मां नवनीत देवी दिल्ली में किराये पर रहती हैं। आर्थिक रूप से कमजोर पूरा परिवार सनी की कमाई पर आश्रित है। बिजौली स्थित घर पर सनी की दादी प्रेमा देवी मिलीं। उन्हें सनी की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं है।
गोलू पंडित ने बेटे को फंसाया
इधर, बिजौली से गिरफ्तार हुए विष्णु कुशवाह के पिता सूरजपाल एवं बहन विनीता देवी ने बताया कि वह फौजी बनने की तैयारी कर रहा था, पेपर देने के लिए गया था। तब से घर पर रह कर जिम का संचालन कर रहा था। उन्होंने प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू पंडित पर फंसाने का आरोप लगाया है।
