संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। गिरते भूगर्भ जल को बढ़ाने के लिए वन विभाग ने गुरसराय और बबीना वन रेंज में तीन वेटलैंड संरक्षण वन बनाए हैं। तीनों वेटलैंड संरक्षण वन में 96 हजार पौधे रोपे गए हैं।
प्रवासी पक्षियों को अनुकूल वातावरण मुहैया करने के साथ ही भूगर्भ जल स्तर बढ़ाने के लिए वन विभाग ने जलाशयों के पास तीन वेटलैंड संरक्षण वन स्थापित करने की योजना तैयार की थी। इसे अमलीजामा पहनाने के लिए अफसरों ने गुरसराय वन रेंज के बड़वार, बबीना के सुखवार और मानपुर में बीस-बीस हेक्टेअर क्षेत्रफल में वेटलैंड संरक्षण वन स्थापित किया है। प्रत्येक वेटलैंड वन में कंजी, शीशम, सागौन, सहमल, बबूल, महुआ, इमली, आंवला आदि प्रजातियों के 32 हजार सहित कुल 96 हजार पौधे रोपे गए हैं। विभागीय अफसरों के मुताबिक वेटलैंड संरक्षण जलाशयों के नजदीक होने के कारण भूगर्भ जल स्तर बढ़ने के साथ ही प्रवासी पक्षियों के अनुकूल माहौल होने से पक्षियों की संख्या में भी इजाफा होगा।
जलाशयों के आसपास बीस-बीस हेक्टेअर क्षेत्रफल में तीन वेटलैंड संरक्षण वन स्थापित किए गए हैं। तीनों ही वनों में 96 हजार पौधे लगाए गए हैं। भूगर्भ जल स्तर के साथ ही प्रवासी पक्षियों की संख्या में भी इजाफा होगा।
जेबी शेंडे, प्रभागीय वन अधिकारी
