
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। प्रेमिका ने बातचीत करना बंद कर दिया तो दुखी युवक ने फंदे से लटककर जान दे दी। दोनों के बीच पिछले एक साल से प्रेम संबंध थे, जिसका युवती के परिजन विरोध कर रहे थे। इसके बाद युवती ने भी युवक से बात करना बंदकर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
कोतवाली के बड़ागांव गेट बाहर निवासी मृदुल (22) पुत्र मनोज वाल्मीकि इंटर पास करने के बाद अपने भाई मयंक के साथ शोरूम में नौकरी करता था। यहां काम करने वाली युवती से उसके प्रेम संबंध बन गए। दोनों ऋषिकेश भी घूमने गए थे। शादी करना चाहते थे लेकिन कुछ माह पहले युवती के परिजनों को यह बात पता चल गई। परिजनों ने युवती पर पाबंदी लगा दी। उसका मोबाइल फोन भी ले लिया। युवती के परिजनों ने मृदुल को भी धमकाते हुए केस दर्ज कराने की धमकी दी।
विरोध के चलते युवती मृदुल से दूरी बनाने लगी। दुखी होकर मृदुल ने शोरूम की नौकरी छोड़ दी। फिर उसने कार के शोरूम में इंटरव्यू दिया था। सोमवार को उसे नौकरी पर जाना था। सुबह मृदुल नहीं आया तब भाई मयंक ने उसे फोन लगाया। कई बार कॉल लगाने पर भी उसने फोन नहीं उठाया तो मयंक घर पहुंचा। देखा कि मृदुल फंदे से लटका था। मयंक तुरंत उसे फंदे से उतारकर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचा। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता मनोज नगर निगम में डाक वाहक पद पर कार्यरत हैं। दो भाइयों में मृदुल छोटा था।
