कुलसचिव ने एक संख्या के दो बिल के भुगतान के मामले में बैठाई जांच
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विवि से एक ही संख्या के दो बिल का भुगतान होने के मामले में कुलसचिव ने जांच कमेटी गठित कर दी है। वहीं, गर्दन फंसती देख फर्जी बिल जारी करने वाली फर्म ने विवि के खाते में 92250 रुपये वापस जमा कर दिए। सूत्रों के अनुसार फर्म का ब्लैक लिस्ट होना तय है।
शनिवार को अमर उजाला ने ‘बीयू : एक ही संख्या के दो बिलों का किया भुगतान’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खुलासा किया था कि सितंबर व अक्तूबर में कुलसचिव आवास पर अनुरक्षण कार्य के बदले फर्म ने भुगतान के लिए 52 संख्या के दो बिल जमा किए। एक बिल का योग जीएसटी 14072 रुपये समेत 92250 और दूसरे बिल में सीजीएसटी 5692 रुपये, जीएसटी 5692 समेत 74635 रुपये था। बीयू की क्रय समिति ने बिना जांच किए दोनों बिलों के भुगतान की अनुशंसा कर दी और फर्म के खाते में भुगतान चला गया। मामला फंसता देख फर्म ने मानवीय चूक का शपथ पत्र सौंपते हुए बीयू के खाते में पहले बिल के 92250 रुपये जमा करा दिए हैं। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि एक ही संख्या के दो बिल जमा करके भुगतान प्राप्त करने वाली फर्म का ब्लैक लिस्ट होना तय है।
