
रामकली (फाइल फोटो)
सतांव (रायबरेली)। महज सर्फ जमीन पर गिरने से गुस्साए पति ने पहले डंडे से पीट-पीटकर पत्नी को अधमरा कर दिया। इसके बाद खौलता पानी उसके शरीर पर फेंक दिया। पिटाई से चोट लगने और खौलते पानी से झुलसने की वजह से
पत्नी ने दम तोड़ दिया। महिला गलती होने की बात कहती रही और पति उसे पीटता रहा। घटना की सूचना पर पुलिस बृहस्पतिवार की देर शाम मौके पर पहुंची और पड़ताल की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के कूटी गोपालदास मजरे कोरिहर गांव निवासी बसंतलाल कपड़े धोने के लिए सर्फ का पैकेट लाया था और अपनी 68 वर्षीय पत्नी रामकली को रखने के लिए दे दिया। बसंतलाल की बहू नीलम पत्नी दयाशंकर के अनुसार बृहस्पतिवार को शाम करीब चार बजे सर्फ का पैकेट फाड़ते समय रामकली से गिर गया और जमीन पर फैल गया। इसकी जानकारी जब बसंतलाल को हुई तो वह आग बबूला हो गया। इसको लेकर दंपती में विवाद होने लगा। विवाद इतना बढ़ गया कि बसंतलाल ने पत्नी रामकली को डंडे से पीटना शुरू कर दिया। रामकली को पिटता देखा आसपास व घर के लोगों ने बसंतलाल को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन व नहीं माना।
आरोप है कि पति ने पतीले में खौल रहा पानी रामकली पर फेंक दिया। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गई और थोड़ी ही देर में उसकी मौत हो गई। घटना से लोगों में आरोपी पति के प्रति नाराजगी रही।
रामकली की मौत की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लिया। क्षेत्राधिकारी लालगंज अनिल कुमार सिंह, थाना प्रभारी प्रवीर गौतम ने फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। घटना की बाबत परिजनों व ग्रामीणों के बयान दर्ज किए।
सीओ ने बताया कि सर्फ जमीन पर गिर जाने की बात पर पति ने ही महिला की हत्या की है। केस दर्ज करने के बाद आरोपी को पकड़ लिया गया है। उसे जेल भेजा जा रहा है।
नहीं थम रहे अपनों के आंसू
बसंतलाल के तीन बेटे संतोष कुमार, धर्मराज व दयाशंकर हैं। बसंतलाल अपनी पत्नी रामकली, बेटे दयाशंकर व बहू नीलम और उनके बच्चों के साथ रहता था। दयाशंकर बाहर भट्ठे में मजदूरी करता है। बड़ा बेटा संतोष कुमार अपनी पत्नी मीरा व बच्चों के साथ अलग रहता है और मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करता है। घटना के दिन संतोष की पत्नी मीरा ने बताया कि वह खेत में धान लगाने गई थी। ग्रामीण बताते हैं कि दूसरे नंबर का बेटा धर्मराज पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में है। महिला की हत्या से अपनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। उनकी जुबां पर सिर्फ यही बात है कि आखिर यह सब कैसे हो गया।
