अमर उजाला ब्यूरो

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झांसी। नाबालिग संग चलती कार में दुष्कर्म मामले को 24 घंटे के अंदर पलटते हुए पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए इस घटना को फर्जी करार दिया है। एसएसपी राजेश एस ने दावा किया कि पैसे वसूलने की खातिर पीड़िता ने परिजनों के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म की झूठी बात कही थी।

घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने पर इस झूठ का खुलासा हुआ। पुलिस ने पीड़िता समेत उसकी बुआ एवं ममेरे भाई पर फर्जी रिपोर्ट कराने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर उनको हिरासत में ले लिया है।

बृहस्पतिवार रात प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसएसपी राजेश एस ने कहा पूरे मामले की छानबीन के लिए स्वॉट समेत कई टीम लगाई गई। डगरिया ग्राम प्रधान प्रभुदयाल अहिरवार के घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में सुबह 5:30 बजे 11 बजे तक कोई चार पहिया वाहन नहीं दिखा।

पीड़िता सुबह सात बजे रिलायंस पेट्रोल पंप के पास से ऑटो में बैठकर 7:20 बजे जेल चौराहा पहुंची। 7:21 बजे जेल चौराहा स्थित दुबे भोजनालय आई। यहां से पैदल 7:31 बजे इलाइट चौराहा पहुंची। इसके बाद 7:37 बजे बजे जीवनशाह एवं 7:54 बजे किला होते हुए मिनर्वा चौराहा पहुंची।

यहां से खुशीपुरा में मयंक ठाकुर की दुकान से पायल एवं बिछिया खरीदी। मयंक के फोन से अपने गांव में रहने वाले पुरुष मित्र को किले के पास बुलाया। 9:15 बजे से 9:41 बजे तक किले के पास बैठकर पुरूष मित्र का इंतजार करती रही। उसके न आने पर मिनर्वा चौराहे से ऑटो पर बैठकर 10:05 बजे जेल चौराहा आई।

यहां से वह हंसारी चली गई। बुआ के पूछने पर उसने बताया वह अपने पुरुष मित्र के साथ जाना चाह रही थी लेकिन, उसके न आने पर वह यहां आ गई।

बुआ के लड़के मनीष परिहार ने सोनू और मनीष से पैसा वसूलने की योजना बनाई। एसएसपी के मुताबिक तीनों पर फर्जी केस दर्ज कराने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करके हिरासत में ले लिया गया है वहीं, इस मामले में आरोपी बनाए गए युवकों की नामजदगी को खत्म कर दी गई।

इनसेट

मनीष को मीडिया के सामने पेश करने से कन्नी काट गए अफसर

पुलिस अफसरों ने दुष्कर्म के मामले को फर्जी करार देते हुए मुकदमा वादी मनीष को हिरासत में ले लिया लेकिन, प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उसे मीडिया के सामने पेश नहीं किया जबकि मीडिया के पास सबसे ज्यादा सवाल मनीष को लेकर थे। पीड़िता के साथ मनीष ने ही मीडियाकर्मियों से दुष्कर्म की घटना सिलसिलेवार बताई थी। मीडियाकर्मी मनीष से पुलिस के खुलासे को लेकर सवाल पूछना चाहते थे लेकिन, पुलिस ने उसे पेश ही नहीं किया। उससे जुड़े किसी सवाल का पुलिस अफसरों ने कोई जवाब नहीं दिया। उधर, बुधवार देर-शाम पीड़िता का मेडिकल कराने के बाद मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया गया है।



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