:: वर्ल्ड स्पाइन डे पर विशेष ::
– बेतरतीब दिनचर्या और कामकाज के तरीके से बड़े ही नहीं बच्चे भी झेल रहे रीढ़ की हड्डी का कष्ट
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। यदि आप आरामदायक कुर्सी पर लगातार बैठ रहे हैं तो सावधान हो जाएं। तकिया लगाकर पढ़ने या मोबाइल देखने की आदत छोड़ दें। इससे स्पाइन (रीढ़ की हड्डी) में काफी दिक्कत हो रही है। न सिर्फ बड़े बल्कि बच्चे भी शिकार हो रहे हैं। यह जानकारी मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जन डॉ. दिनेश राजपूत ने दी है।
बुधवार को वर्ल्ड स्पाइन डे ‘सपोर्ट योर स्पाइन’ थीम पर मनाया जा रहा है। डॉ. राजपूत ने बताया बेतरतीब दिनचर्या व कामकाज के तरीके की वजह से 80 फीसदी लोग अपनी जिंदगी में कमर दर्द अथवा रीढ़ की हड्डी में दिक्कत के शिकार होते हैं। इसका खतरा 50 वर्ष के बाद ज्यादा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया वर्क स्टेशन (ऑफिस) में कामकाज की व्यस्तता में लोगों का बैठने का तरीका बिगड़ जाता है। कोई गर्दन झुकाकर काम करता है तो कोई झुककर। जिसकी वजह से पूरे शरीर का दबाव रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है।
यही नहीं लोग लकड़ी की कुर्सी के बजाय आरामदायक कुर्सी पर काम करते समय बैठना काफी पसंद करते हैं, जो काफी नुकसानदायक है। इससे रीढ़ की हड्डी में पीछे की तरफ कर्व हो जाता है। डॉ. राजपूत बताते हैं कि अब बच्चों में भी रीढ़ की हड्डी की दिक्कत हो रही है। इसकी वजह बच्चों का लेटकर पढ़ना, कुर्सी पर बैठकर पढ़ते समय टेबल पर पैर रखना अथवा लेटकर मोबाइल देखना भी काफी घातक है। इससे बच्चों की गर्दन और रीढ़ की हड्डी में काफी दिक्कत हो रही है।
बच्चे घर के बाहर कम खेलते हैं। दूध भी काफी कम लेते हैं जिससे शरीर में विटामिन डी की कमी हो रही हैं। विटामिन डी की कमी से भी रीढ़ की हड्डी में दिक्कत होती है। उन्होंने बताया कि कम पानी पीने की आदत भी रीढ़ की हड्डी में दिक्कत पैदा कर सकती है, इसलिए लोगों को समय-समय पर पानी पीना चाहिए। इससे डिस्क के बीच में तरल पदार्थ बना रहता है।
0- ये करना चाहिए
– आरामदायक कुर्सी के बजाय लकड़ी की कुर्सी पर बैठे
– नियमित व्यायाम करने के साथ स्ट्रेचिंग करनी चाहिए
– कुर्सी पर सीधे बैठे ताकि रीढ़ की हड्डी में कर्व नहीं बने।
– तकिया लगाकर पढ़ने से बचें।
