कुलदीप ओर सचिन चालक केबिन में फंस गए थे। मदद के लिए शोर मचा रहे थे। आगरा से नोएडा की ओर जा रहे गांव इलाचीपुर, थाना डोनिका सिटी, गाजियाबाद के अनिल कुमार सिंह और उनके दोस्त जितेंद्र कुमार ने कैंटर में फंसे चालक-क्लीनर की मदद के लिए कार रोक ली। पीछे से आते पंजाबी बस्ती पटेल नगर, दिल्ली के संदीप कुमार ने भी अपनी कार रोक ली। तीनों ने कैंटर में फंसे चालक कुलदीप और क्लीनर सचिन को बाहर निकाल लिया।
अनिल कुमार, जितेंद्र, कुलदीप और सचिन कैंटर के पास खड़े थे। संदीप पेशाब के लिए किनारे चले गए। आगरा की ओर से आती तेज रफ्तार कार ने अनिल, जितेंद्र, कुलदीप और सचिन को चपेट में ले लिया। चारों की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद कार संदीप की गाड़ी से टकरा गई। उसमें सवार पैराडाइज अपार्टमेंट, दयालबाग के मनल सलूजा गंभीर घायल हो गए। पुलिस ने उनको गंभीर हालत में सिकंदरा हाईवे स्थित रेनबो अस्पताल में भर्ती कराया है।
अनिल की पत्नी नीरू ने बताया कि वह टैक्सी चालक थे। अपनी गाड़ी किराए पर चलाते थे। दोस्त के साथ गोरखपुर काम से गए थे। वहां से घर लौट रहे थे। एसीपी एत्मादपुर पीयूषकांत ने बताया कि जितेंद्र कुमार, मंडे मार्केट बैंकोली, वेस्ट दिल्ली के रहने वाले थे। उनकी पहचान आधार कार्ड से की गई। संबंधित थाने की पुलिस के माध्यम से उनके परिजन को सूचना दी गई है। मामले में कैंटर चालक कुलदीप के भाई अनुज कुमार ने लापरवाही से कार चलाने का केस दर्ज कराया है।
टक्कर मारने वाली कार पर लगा था विधायक का पास
यमुना एक्सप्रेस-वे पर चार लोगों को चपेट में लेने वाली कार पर विधायक का वीआईपी पास लगा हुआ था। पुलिस को गाड़ी में शराब की बोतल भी मिली है। घायल कार सवार मनल सलूजा निवासी दयालबाग का इलाज आगरा के अस्पताल में चल रहा है। उनके पिता अनिल सलूजा ने बताया कि मनल एत्मादपुर में किसी काम से गया था। वह एक्सप्रेस-वे क्यों गया, इसकी जानकारी नहीं है। टोल प्लाजा के प्रभारी तुलसीराम गूजर ने बताया कि कार में शराब की बोतल मिली है।





