{“_id”:”66e7339f9f63e950da020534″,”slug”:”you-will-have-to-struggle-with-traffic-jam-and-dust-till-november-orai-news-c-224-1-ka11004-119713-2024-09-16″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”सड़क निर्माण : नवंबर तक जाम व धूल से करनी पड़ेगी जद्दोजहद”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
उरई। शहर के बीच से निकल रही सड़क का निर्माण करीब नवंबर तक हो पाएगा। तब तक लोगों को जाम की इस समस्या से जूझना पड़ेगा। जाम ही नहीं इस दौरान लोगों को धूल से भी जद्दोजहद करनी पड़ेगी।
बड़ागांव से लेकर इकलासपुरा चौराहे तक करीब 22 करोड़ की लागत से सड़क का निर्माण हो रहा है। सड़क का निर्माण मुख्य बाजार तक पहुंच गया है। जिसके चलते रोजाना जाम की समस्या भी बढ़ गई है। इसका मुख्य कारण है कि बड़े वाहनों पर कोई लगाम नहीं है। ई-रिक्शा चालकों की मनमानी चल रही है। सड़क निर्माण के बाद भी फुटपाथ पर अवैध कब्जे बने हुए हैं। इसके चलते रोजाना शहर के बाशिंदों को रोजाना जाम से जूझना पड़ रहा है।
ज्ञात हो कि इसी सड़क का जब निर्माण अस्पताल के पास हो रहा था तब करीब दस दिन तक मरीजों को काफी परेशानी हुई थी और जाम में लोग ही नहीं एंबुलेंस भी फंसने से लोगों को बहुत परेशानी होती थी। जैसे ही निर्माण कार्य कालपी बस स्टैंड पर पहुंचा तो न्यायालय आने वाले फरियादियों को परेशानी होने लगी। इसके साथ ही इस क्षेत्र से गुजर रहे हर व्यक्ति को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। करीब दो लाख की आबादी इस मार्ग से गुजरती होगी। जिससे जाम की इस समस्या से होकर गुजरना होता है। सड़क निर्माण के समय यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन के इंतजाम सारे नाकाफी हैं।
नहीं चेता प्रशासन तो होने लगेंगे हादसे
प्रशासन जिस सड़क का निर्माण करा रहा है, अगर समय पर उसके दोनों तरफ सड़क में गिट्टी या इंटरलॉकिंग नहीं लगवाई तो हादसे होंगे। जहां पर सड़क का निर्माण हो गया है, वहां सड़क को चालू कर दिया गया है। अभी भी दोनों तरफ सड़क के किनारे काफी गहरे गड्ढे हैं। जिसके चलते वाहन चालक जल्दबाजी में गिर सकते हैं। कुछ स्थान पर विभाग ने डस्ट और गिट्टी डलवा दी है। लेकिन वह भी बहुत नीची है। जिसके चलते उन पर वाहन नहीं चढ़ पा रहे हैं। अगर नीचे उतरेंगे तो बड़ा हादसा हो सकता है।
जाम के प्रमुख कारण-
– सड़क निर्माण के दोनों तरफ फुटपाथ से अतिक्रमण नहीं हटाया गया।
– ई-रिक्शा व बड़े वाहनों के लिए रूट डायवर्जन नहीं किया गया।
– निर्माण के समय भी चारों तरफ वाहन खड़े रहते हैं।
– ट्रैफिक पुलिस की कमी से निर्माण की जगह पर जवान तैनात नहीं
इस तरह मिल सकती है निजात
– निर्माण के स्थान से पहले बड़े वाहनों का रूट डायवर्जन।
– रूट के हिसाब से ही ई-रिक्शों को प्रवेश उपलब्ध कराएं।
– निर्माण हो चुकी सड़क का उपयोग छोटे वाहनों के लिए हो।
– ट्रैफिक पुलिस मुस्तैदी से व्यवस्था सभालें, जिससे जाम न लगे।
– दुकानदारों व ग्राहक दुकानों के बाहर वाहन खड़ा न करें।
– फुटपाथ से अतिक्रमण हटाकर छोटे वाहन निकाले जाएं।
वर्जन-
बसों का कालपी बस स्टैंड पर प्रवेश रोक दिया गया है। वह जालौन बाईपास से होकर जाएंगी। ई-रिक्शाओं के लिए रूट तय कर दिए गए हैं। व्यवस्था बिगाड़ने वाले चालकों पर कार्रवाई की जाएगी। इस बार में जल्द उच्च अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। -वीर बहादुर, यातायात प्रभारी
वर्जन-
नवंबर तक इस सड़क का निर्माण हो जाएगा। जहां सड़क का निर्माण हो चुका है, वहां एक तरह डस्ट और गिट्टी डलवा दी गई है। जहां नहीं पड़ी है, उसे दिखवाकर ठीक किया जाएगा।-नंद किशोर,एई, पीडब्ल्यूडी विभाग
