– चिरगांव में जहरीली गैस से हुआ हादसा, दादा और पिता गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
चिरगांव (झांसी)। चिरगांव में बृहस्पतिवार को दर्दनाक हादसा हो गया। संतरी डेरा रोड पर स्थित एक खेत की बोरिंग के गड्ढे से मोटर निकालने के लिए उतरा युवक जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गया। उन्हें निकालने के लिए उतरे उसके पिता और दादा भी बेहोश हो गए। ग्रामीणों ने तीनों को बाहर निकाला, तब तक युवक की मौत हो चुकी थी। पिता-दादा को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
परिजन के अनुसार चिरगांव के रामनगर रोड निवासी परशुराम कुशवाहा (62) पुत्र घनश्याम का संतरी डेरा रोड पर खेत है। उन्हें बारिश का पानी गढ्ढे में भरने की वजह से मोटर खराब होने का भय था। बृहस्पतिवार को सुबह 9 बजे वह अपने बेटे मनोज (68) और पौत्र अंकुश (19) के साथ खेत पर पहुंचे। अंकुश मोटर निकालने के लिए बोरवेल के 20 फीट गहरे गड्ढे में उतरा। अंदर जहरीली गैस के कारण वह बेहोश हो गया। पिता मनोज उसे निकालने के लिए गड्ढे में उतरे तो वह भी बेहोश गए। यह देख दादा परशुराम ने लोगों को बुलाया और दोनाें को निकालने के लिए गड्ढे में उतरे। वह भी जहरीली गैस के प्रभाव से नहीं बच पाए।
पुलिस और ग्रामीणों ने मशक्कत से तीनों को बाहर निकाला। तब तक अंकुश की मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों और परिजन के सहयोग से पुलिस ने पिता और दादा को इलाज के लिए झांसी के मेडिकल कॉलेज भेजा। यहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। जानकारी पर एसडीएम मोंठ प्रदीप कुमार मौके पर पहुंचे तथा परिजन को ढांढ़स बंधाकर हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
थाना प्रभारी निरीक्षक हुए चोटिल
तीनों को बोरिंग के गड्ढे से निकालने के दौरान प्रभारी निरीक्षक तुलसीराम पांडे के पैर में चोट लग गई। इस दौरान उनके कपड़े गंदे हो गए थे। उन्होंने तीनाें को अस्पताल पहुंचाया।
इकलौता बेटा था अंशुल
मनेाज कुशवाहा की दो संतानें थीं। बड़ी बेटी एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती है। बेटे अंशुल ने हाल ही में इंटर पास किया था। वह घर पर रहकर एसएससी की तैयारी कर रहा था।
फोटो – चिरगांव क्षेत्र में बोरिंग का गड्ढा जिससे निकली जहरीली गैस, अस्पताल में मौजूद परिजन विलाप करते हुए,मृतक अंशुल की फाइल फोटो
बोरिंग के गड्ढे में आ रही गैस से एक की मौत,दो की हालत गंभीर
फोटो – चिरगांव क्षेत्र में बोरिंग का गडढा जिससे निकली जहरीली गैस,अस्पताल में मौजूद परिजन विलाप करते हुए,मृतक अंशुल की फाइल फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
चिरगांव।खेत पर बने बोरिंग के गड्ढे से निकलने बाली जहरीली गैस की चपेट में आकर एक युवक की मौत हो गई ।जबकि पिता एवं दादा बीमार पड़ गए । जिन्हें मेडीकल कालेज रेफर कर किया गया ।
कस्बे के रामनगर रोड निवासी परशुराम कुशवाहा का पी डब्लू डी कोठी के पीछे संतरी डेरा रोड पर खेत है । वहां पर केाठी के साथ ही बीस फुट गहरी बोरिंग भी है । गुरूवार की सुबह परशुराम अपने बेटे मनोज एवं नाती अंशुल के साथ खेत पर गए थे। वहां पर उन्होंने सोचा कि पानी बहुत बरस रहा है।बोरिंग में अगर पानी भर गया तो मोटर खराब हो जायेगी ।इसलिए उन्हेांने अपने नाती अंशुल से कहा कि मोटर निकाल ली जाए ।अंशुल गडढे में उतर गया लेकिन बापस नहीं निकला यह देखकर पिता मनोज ने आवाज दी जब केाई जवाब नहीं आया तेा मनोज भी उतर गया । वह भी बेहोश गया । यह देखकर परशुराम घबरा गया और वह भी गडढे में उतर गया । तीनों जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हेा गए ।इसी बीच मनोज की पत्नी चिल्लाई तेा आसपास के लेाग आ गए । उन्हेांने समझा करंट लग गया तेा पहले डेारी काट दी । जब एक युवक संदीप कुशवाहा गडढे में उतरा तेा देखा कि बहुत बदबू आ रही है कि जैसे दम घुट रहा हेा । यह सुनकर आसपास के लेागों ने गडढे में पानी डालना शुरू किया जिससे कि गैस का असर कुछ कम हेा जाए । सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक तुलसीराम पाण्डे पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे पुलिस मौके पर पहुंचे । उन्होंने किसी प्रकार रस्सी बांधकर तीनों केा गडढे से बाहर निकाला ।जिन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाया गया । जहां पर अंशुल 19वर्ष की मौत हो गई तथा परसुराम एवं मनोज को रेफर कर दिया गया । घटना की जानकारी लगते ही एस डी एम मोंठ प्रदीप कुमार मौके पर पहुंचे तथा परिजनों केा ढांढ़स बंधाया । तथा हर संभव मदद का आश्वासन दिया ।
थाना प्रभारी निरीक्षक हुए चोटिल
बोरिंग के गडढे से निकालने के दौरान प्रभारी निरीक्षक तुलसीराम पाण्डे के पैर में चोट लग गई थी। उनके कपड़े गंदे हेा गए थे । इसके बाद भी उन्हेांने तीनाें व्यक्तियों को अपने हाथों से उठाकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया ।
इकलौता बेटा था अंशुल
मनेाज कुशवाहा की देा संतानें थीं ।जिनमें एक बेटी जेा बड़ी थी, वह कस्वे के ही एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती थी। जबकि बेटा अंशुल ने इंटर पास किया था । वह घर पर ही रहकर एस एस सी की तैयारी कर रहा था।
