अंकित कश्यप हत्याकांड में चारों नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और उन्हें जेल भेजे जाने के बावजूद परिजनों का आक्रोश तीसरे दिन भी कम नहीं हुआ। बुधवार को परिजनों और ग्रामीणों ने चिलबिला-मुसाफिरखाना हाईवे पर प्रदर्शन किया। एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आरोपियों के मकान पर कार्रवाई की मांग को लेकर वे देर शाम तक अड़े रहे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार वार्ता कर उन्हें समझाने में जुटे रहे।
पूरे मान सिंह गांव में सुबह से ही गमगीन माहौल रहा। मृतक के घर पर रिश्तेदारों, ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों के लोगों की भीड़ जुटी रही। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था, जबकि बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल हुए। हाईवे पर प्रदर्शन के चलते कुछ समय तक आवागमन प्रभावित रहा। पुलिस ने स्थिति संभालते हुए वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला और मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया।
परिजनों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी भर से न्याय नहीं मिलेगा। जब तक शासन उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लेता, आंदोलन समाप्त नहीं होगा। परिवार मुख्यमंत्री राहत कोष से एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, एक आश्रित को सरकारी नौकरी, सरकारी योजनाओं का लाभ और आरोपियों के मकान पर कार्रवाई की मांग पर अड़ा है। उपजिलाधिकारी दिशा श्रीवास्तव, क्षेत्राधिकारी अखिलेश वर्मा समेत अन्य अधिकारी कई दौर की वार्ता करते रहे, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई सहमति नहीं बन सकी।
इसी बीच मृतक की पत्नी श्वेता भी गांव पहुंचीं। उन्होंने अपने चाचा और बाबा पर पति की हत्या कराने का आरोप लगाया। श्वेता ने कहा कि घटना के बाद उनके भाई के मोबाइल पर फोन कर उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने अपनी सुरक्षा के साथ आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और उनके मकान पर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने बताया कि हत्याकांड के सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की विवेचना जारी है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
