जालौन के कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की हत्या के लिए दस लाख रुपये में सौदा तय हुआ था, लेकिन आरोपियों को अब तक केवल 50 हजार रुपये ही मिले थे।
पुलिस की जांच में सामने आया कि अगर आरोपियों को पूरी रकम मिल जाती तो वे पहले ही फरार हो सकते थे। हत्या के बाद भुगतान को लेकर मोनू के पिता अजय कुमार यादव और कानपुर निवासी इंद्रजीत यादव के बीच मोबाइल पर मैसेज के जरिए बातचीत हुई थी।
2 of 17
आरोपी मोनू की फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बताया जा रहा है कि इंद्रजीत ने मोनू के पिता को पहले ही हिदायत दी थी कि वह कभी फोन न करें। बातचीत केवल मोबाइल मैसेज के जरिए ही होगी, ताकि दोनों के बीच संपर्क का पता न चल सके।
3 of 17
मुख्य हत्यारोपी मोनू यादव मुठभेड़ में गिरफ्तार
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी व्यवस्था के तहत हत्या के बाद अजय कुमार ने इंद्रजीत के मोबाइल पर मैसेज भेजकर काम पूरा होने और जल्द भुगतान करने की बात कही थी। यही मैसेज पुलिस के हाथ लगा और जांच में अहम सुराग साबित हुआ।
4 of 17
मुख्य हत्यारोपी मोनू यादव मुठभेड़ में घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस की पड़ताल में दस लाख रुपये में हत्या का सौदा तय होने और अब तक महज 50 हजार रुपये मिलने की बात सामने आई है। पूरी रकम नहीं मिलने के कारण आरोपी भुगतान के इंतजार में थे। पुलिस का मानना है कि यदि तय रकम समय रहते मिल जाती तो आरोपी ठिकाना बदलकर फरार होने की कोशिश कर सकते थे।
5 of 17
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मध्यस्थता कराने वाला अजय अब भी फरार
सुपारी के सौदे में मध्यस्थता कराने वाला अजय यादव पुलिस की पकड़ से बाहर है। वह गिरफ्तार आरोपी मोनू यादव का पिता है। पुलिस के अनुसार, अजय ने ठेकेदार इंद्रजीत यादव और सुपारी किलर के बीच सौदा कराने में भूमिका निभाई थी। सीओ राजेश कमल का कहना है कि उसकी तलाश की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी होगी।