
वायु प्रदूषण का हाल (फाइल फोटो)
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उत्तर प्रदेश के आगरा में यमुना के डूब क्षेत्र में हुए अवैध निर्माणों की कलई खुलेगी। बाईंपुर से बल्केश्वर तक सात किमी क्षेत्र में सिंचाई विभाग ने डूब क्षेत्र के चिह्नांकन का दावा किया है। मंगलवार को जिला पर्यावरण समिति की बैठक में डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने रिपोर्ट तलब करते हुए ड्रोन से डूब क्षेत्र की रिकॉर्डिंग कराने के निर्देश दिए हैं।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगा रखी है। ताज संरक्षित वन क्षेत्र मामले में एनजीटी ने जिलाधिकारी को डूब क्षेत्र के चिह्नांकन के लिए मुड्डियां गढ़वाने के निर्देश दिए थे। सिंचाई विभाग ने इसका ठेका दिया था। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में डीएम ने समीक्षा की।
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