पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद अब लोगों को गर्मी सताएगी। आगामी चार दिनों में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के भी पार पहुंच सकता है। वहीं, लगातार चढ़ते तापमान ने न सिर्फ लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं बल्कि एसी, कूलर और फ्रिज जैसे उपकरणों के अधिक उपयोग से एक हफ्ते में बिजली खपत भी लगभग 25 फीसदी बढ़ गई है।

प्रदेश में मौसम शुष्क होने के बाद तापमान में इजाफा होने लगा है। अब पारा सामान्य से ऊपर पहुंच गया है। खासकर बुंदेलखंड अभी से तपने लगा है। प्रदेश में पिछले कई दिनों से सर्वाधिक गर्म रहने के साथ बांदा में बृहस्पतिवार को दिन का पारा 44.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह, हमीरपुर का दिन का तापमान 41.2 डिग्री और उरई का पारा 40.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं झांसी में सुबह से ही आसमान साफ होने से चटक धूप खिली हुई थी। इस कारण दिन का तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो कि सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक है। वहीं, न्यूनतम पारा 23.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य से 0.6 डिग्री कम है। इस सीजन में पहली बार झांसी में दिन का पारा इतना अधिक रहा है।

43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा पारा

कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि आगामी दो-तीन दिनों के दौरान प्रदेश में कोई सक्रिय मौसम तंत्र न होने और शुष्क हवा जारी रहने से तापमान में वृद्धि होने के आसार हैं। मंगलवार तक दिन का पारा 43 डिग्री सेल्सियस के भी पार पहुंच सकता है। न्यूनतम तापमान में भी इजाफा संभव है और ये 25 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।

सात दिन में 64 मेगावाट बिजली की खपत में हुआ इजाफा

सात दिन में झांसी में 64 मेगावाट बिजली की खपत में इजाफा हो गया है। स्थिति ये है कि अब 312 मेगावाट खपत हो रही है। आने वाले समय में बिजली की मांग बढ़ने से विद्युत संकट होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।

बिजली विभाग के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि भले ही बिजली विभाग के अधिकारी गर्मी में पर्याप्त बिजली आपूर्ति का दावा कर रहे हैं मगर हकीकत इससे एकदम अलग है। यह हकीकत मई और जून की गर्मी में सामने आ जाएगी, क्योंकि बिजली की खपत तेजी से बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि अभी से बिजली की अघोषित कटौती का क्रम शुरू हो गया है। ट्रांसमिशन के रिकॉर्ड के अनुसार सात दिन में 64 मेगावाट बिजली की खपत बढ़ गई है, जो आने वाले समय में और बढ़ेगी। बताते हैं कि नौ अप्रैल को ट्रांसमिशन से जिले में 248 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हुई, जो शुक्रवार को 312 मेगावाट पहुंच गई है। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी में मांग के अनुसार ट्रांसमिशन से बिजली आपूर्ति संभव है।

अधीक्षण अभियंता शहरी पुष्कर सिंह का कहना है कि गर्मी बढ़ने की वजह से बिजली की खपत काफी बढ़ गई है। फिलहाल बिजली आपूर्ति भंग होने अथवा लाइन ट्रिप होने की सूचना नहीं है। गर्मी को लेकर पर्याप्त तैयारी है।

खानपान में सतर्कता व गर्मी से करें बचाव

मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रामबाबू का कहना है कि गर्मी में जरा सी लापरवाही घातक हो सकती है। इसलिए न सिर्फ खानपान बल्कि गर्मी से बचाव के पर्याप्त उपाय करें। उन्होंने सलाह दी है कि पानी की सेवन करते रहें। यदि डायरिया हो गया है, तो ओआरएस के घोल का सेवन करें, ताकि शरीर में खनिज लवणों का संतुलन सही रहे। घर से निकलते समय सिर को ढककर रखें। ब्यूरो



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