आगरा में भूस्वामियों का हक मारना अधिशासी अभियंता निर्माण खंड सूरज पाल को भारी पड़ा। तीन दिन से दफ्तर कुर्क है। कुर्सी, मेज, पंखा तक छिन गए। मंगलवार को आवेदक दफ्तर पहुंचे तो मानचित्रों की जांच हो सकी न शमन पर सुनवाई। अवैध निर्माणों से लेकर विकास कार्य तक ठप रहे। उधर, अधिशासी अभियंता का फोन तक स्विच ऑफ है।
अमर उजाला टीम ने मंगलवार को सेक्टर-16 स्थित आवास विकास परिषद में कुर्क कार्यालय की पड़ताल की। सेक्टर-3 निवासी मनोरमा गुप्ता ने बताया कि निर्माण के लिए मानचित्र पास कराना था। जानकारी के लिए दफ्तर आई, तो पता चला कि ताला बंद है। अब कोर्ट के आदेश पर ही खुलेगा।
रश्मि ने बताया कि उन्होंने शमन के लिए आवेदन किया था, लेकिन एक्सईएन मिले न एई और जेई। घंटों इंतजार के बाद लौटना पड़ा। बता दें कि राजस्व संग्रह टीम ने दफ्तर कुर्क के साथ दफ्तर की मेज, कुर्सी, पंखा व अन्य चल संपत्तियां भी जब्त कर रखी हैं।
एक दफ्तर कुर्क, दूसरा दफ्तर छोड़ा
राजस्व संग्रह टीम की कुर्की में खानापूर्ति के आरोप लग रहे हैं। प्राधिकरण ने आवास विकास परिषद कार्यालय को कुर्क के आदेश दिए थे। जबकि प्रशासन ने सिर्फ एक निर्माण खंड को कुर्क किया। जबकि दूसरा निर्माण खंड छोड़ दिया। सहायक आवास आयुक्त अमित कुमार का कहना है कि मामला शासन के संज्ञान में है। बकाया राशि के भुगतान के संबंध में वार्ता चल रही है।
29 भूस्वामियों का 8.65 करोड़ बकाया
सिकंदरा योजना में आवास विकास परिषद ने भूमि अधिग्रहण किया था। भूस्वामियों को उचित मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। भूअर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण ने 29 भूस्वामियों का 8.65 करोड़ रुपये की बकाया वसूली आरसी के माध्यम से जारी करने के आदेश जिलाधिकारी को दिए। लेकिन सरकारी विभाग के खिलाफ वसूली को लेकर अफसर लापरवाह रहे। वसूली करने पर अवमानना नोटिस जारी हुए तो प्रशासन ने शनिवार को कुर्की की कार्रवाई की।
