सावन की गूंज, बोल बम के जयघोष और करोड़ों आस्थावानों की आस्था… कांवड़ यात्रा अब अपने पूरे रंग में है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक इस यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए कई स्तर की तैयारी की गई है।उत्तराखंड के हरिद्वार में बैरागी कैंप, बैरागी द्वीप और पंतद्वीप क्षेत्र को डाक कांवड़ के लिए पूरी तरह तैयार किया गया है। सीसीटीवी, ड्रोन, वॉच टावर, लाउडस्पीकर, जल पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पीएसी, सीआरपीएफ, डॉग स्क्वाड और साइबर कमांडो तक सुरक्षा में तैनात हैं। 100 से ज्यादा घाटों और मनसा देवी, चंडी देवी, दक्ष मंदिर जैसे प्रमुख श्रद्धा स्थलों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
वहीं उत्तर प्रदेश में आगरा, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, हरदोई, संभल, मैनपुरी और बरेली समेत कई जिलों में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू है। हाईवे पर बैरिकेडिंग, भारी वाहनों का डायवर्जन, सर्विस रोड से कांवड़ियों की आवाजाही और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ती भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए एटा में 12वीं तक के सभी विद्यालय शनिवार और सोमवार को बंद रहेंगे। प्रशासन की कोशिश साफ है कि आस्था की इस महायात्रा में श्रद्धालुओं को न कोई बाधा मिले, न कोई असुविधा। अगर आप भी इन जिलों से होकर सफर करने वाले हैं, तो घर से निकलने से पहले रूट डायवर्जन की जानकारी जरूर लें। आखिर सावन की इस पवित्र यात्रा में सुरक्षा और संयम, दोनों ही सबसे बड़ा धर्म हैं।
