Kanwar Yatra Power Supply को लेकर श्रावण मास में लाखों शिवभक्तों की सुविधा और सुरक्षा के मद्देनजर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय सचिव एवं चेयरमैन पुरकाजी जहीर फारूकी ने Muzaffarnagar प्रशासन और विद्युत विभाग से कांवड़ मार्ग पर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर तथा मुख्य अभियंता (विद्युत) विनोद कुमार गुप्ता को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर कांवड़ मार्ग पर विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
ज्ञापन में उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु दिन-रात इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार का व्यवधान श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ उनकी सुरक्षा को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए पूरे मार्ग पर निरंतर विद्युत व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।
कांवड़ मार्ग पर लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही, बिजली व्यवस्था बनी अहम आवश्यकता
जहीर फारूकी ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश–उत्तराखंड सीमा से प्रारंभ होकर भूराहेड़ी, पुरकाजी, फलौदा, बरला, छपार और मुजफ्फरनगर शहर तक फैले कांवड़ मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में शिवभक्त गुजर रहे हैं।
पूरे मार्ग पर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा सेवा शिविर, भंडारे, चिकित्सा शिविर तथा विश्राम स्थल संचालित किए जा रहे हैं, जहां चौबीसों घंटे श्रद्धालुओं की सेवा की जाती है।
उन्होंने कहा कि इन शिविरों के सुचारु संचालन के लिए लगातार विद्युत आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है। यदि बिजली बाधित होती है तो भोजन व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा सेवाओं, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
रात्रि में बिजली गुल होने से बढ़ सकता है दुर्घटनाओं का खतरा
ज्ञापन में विशेष रूप से यह मुद्दा उठाया गया कि रात के समय यदि कांवड़ मार्ग या शिविरों में बिजली चली जाती है तो श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
जहीर फारूकी ने कहा कि बड़ी संख्या में कांवड़िये रात के समय भी यात्रा करते हैं। ऐसे में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध रहना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने प्रशासन का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया कि विशेषकर गंगनहर पटरी और राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्ट्रीट लाइटों का लगातार चालू रहना सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
उनका कहना है कि पर्याप्त रोशनी होने से दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है और श्रद्धालुओं को भी सुरक्षित वातावरण मिलता है।
ढीले बिजली तार और जर्जर पोल तत्काल बदलने की मांग
ज्ञापन में केवल बिजली आपूर्ति ही नहीं बल्कि विद्युत सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया।
जहीर फारूकी ने मांग की कि कांवड़ मार्ग पर जहां भी—
- बिजली के तार ढीले लटक रहे हों,
- पोल क्षतिग्रस्त या जर्जर हों,
- विद्युत उपकरणों में तकनीकी कमियां हों,
उन्हें तत्काल दुरुस्त कराया जाए।
उन्होंने कहा कि भारी भीड़ के दौरान किसी भी प्रकार की विद्युत दुर्घटना गंभीर स्थिति उत्पन्न कर सकती है। इसलिए एहतियाती कदम समय रहते उठाना अत्यंत आवश्यक है।
लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने के लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने की मांग
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ज्ञापन में लो-वोल्टेज की समस्या का भी उल्लेख किया गया।
उन्होंने कहा कि कांवड़ मार्ग पर संचालित सेवा शिविरों में बड़ी संख्या में पंखे, लाइटें, जल आपूर्ति उपकरण और अन्य विद्युत संसाधनों का उपयोग होता है। ऐसे में कई स्थानों पर वोल्टेज कम होने की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
इस स्थिति से बचने के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित करने तथा विद्युत भार के अनुसार उचित व्यवस्था करने की मांग की गई।
कांवड़ यात्रा में सेवा शिविरों की भूमिका भी बताई महत्वपूर्ण
जहीर फारूकी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगाए जाने वाले सेवा शिविर श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इन शिविरों में—
- भोजन वितरण,
- पेयजल,
- चिकित्सा सहायता,
- विश्राम,
- प्राथमिक उपचार
जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
उन्होंने कहा कि इन सभी व्यवस्थाओं का संचालन निर्बाध बिजली पर निर्भर करता है। इसलिए विद्युत आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रशासन ने ज्ञापन को गंभीरता से लिया
सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर और मुख्य अभियंता (विद्युत) विनोद कुमार गुप्ता ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया।
अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विद्युत विभाग को आवश्यक निर्देश देकर बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा जहां आवश्यकता होगी वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही कांवड़ मार्ग पर 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए भी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान
श्रावण मास में कांवड़ यात्रा उत्तर भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक मानी जाती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु हरिद्वार और अन्य गंगा घाटों से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य तक पैदल यात्रा करते हैं।
ऐसे में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय और विद्युत विभाग के बीच समन्वित व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि निर्बाध बिजली आपूर्ति, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षित विद्युत ढांचा न केवल सेवा शिविरों के संचालन के लिए आवश्यक है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में पहल
भारतीय किसान यूनियन की ओर से उठाई गई यह मांग कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़ी है। प्रशासन द्वारा भी इस विषय को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया गया है। यदि विद्युत व्यवस्था समय रहते पूरी तरह सुदृढ़ कर दी जाती है, तो इससे सेवा शिविरों के संचालन, रात्रिकालीन आवागमन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
महत्वपूर्ण: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव एवं चेयरमैन जहीर फारूकी ने कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से पूरे कांवड़ मार्ग पर 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्ट्रीट लाइटों का नियमित संचालन, ढीले बिजली तारों की मरम्मत, जर्जर पोलों के प्रतिस्थापन तथा आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है। प्रशासन और विद्युत विभाग ने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
