हर साल 22 अगस्त को विश्व प्लांट मिल्क डे मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य वनस्पति दूध के विकल्पों जैसे बादाम, सोया, ओट्स और नारियल से बने दूध के प्रति जागरूकता फैलाना है। आजकल खानपान में बदलाव और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों के चलते प्लांट-बेस्ड मिल्क (पौधों से बना दूध) लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
चिकित्सकों और आहार विशेषज्ञों के अनुसार, यह दूध न केवल पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है बल्कि कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होता है। एसएन मेडिकल काॅलेज के सह प्रभारी अधिकारी फार्मेसी डाॅ. रवींद्र राना ने बताया कि जिन लोगों को गाय या भैंस का दूध पीने से पेट में गैस, ब्लोटिंग, दर्द या दस्त की समस्या होती है, उनके लिए प्लांट मिल्क सबसे सुरक्षित विकल्प है। इसमें लेक्टोज नहीं होता, जिससे यह आसानी से पच जाता है।
डेयरी दूध में सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल होता है, जबकि बादाम और ओट्स मिल्क में कोलेस्ट्रॉल शून्य होता है। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। उन्होंने बताया कि बादाम और नारियल के दूध में डेयरी मिल्क की तुलना में कैलोरी काफी कम होती है। वजन नियंत्रित करने या घटाने के सफर में यह एक बेहतरीन डाइट विकल्प है।
घर पर भी आसानी से कर सकते हैं तैयार
सोया, ओट्स या बादाम को रातभर पानी में भिगोकर, सुबह पानी के साथ ब्लेंड करके और छानकर आसानी से ताजा प्लांट मिल्क तैयार किया जा सकता है। इसमें कैल्शियम, विटामिन-डी और बी-12 मिलाकर इसे और भी पौष्टिक बनाया जा सकता है।
