दो सप्ताह से खांसी थी और बुखार भी आ रहा था। साथ ही वजन भी घट रहा था। लगातार खांसी आने पर जब स्वास्थ्य विभाग के शिविर में पहुंचे और स्क्रीनिंग के बाद जांच कराई तो टीबी की बीमारी मिली। ऐसे एक-दो नहीं, स्वास्थ्य विभाग के 100 दिन के विशेष अभियान में अब तक 12,361 टीबी मरीज मिल चुके हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने 197 स्थानों पर शिविर लगाकर 81,151 लोगों की स्क्रीनिंग की। खांसी-बलगम कब से है। बुखार कब से आ रहा है। ऐसी तमाम जानकारी करने के बाद बलगम की रिपोर्ट लेकर सीबीनैट में जांच कराई। इसके बाद 12,361 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई। 994 मरीजों में कोई लक्षण नजर नहीं आ रहा था। इसमें 20 फीसदी मरीजों में एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी मिली। इन मरीजों के गले, हड्डी, बगल, बच्चेदानी में टीबी पाई गई।

सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि साल के अंत तक टीबी के खात्मे का लक्ष्य है। ऐसे में 100 दिन के विशेष अभियान में अभी तक 12,361 मरीज चिह्नित किए हैं। इनमें 28 फीसदी युवा हैं। सभी का उपचार शुरू करा दिया गया है।

52 केंद्रों पर जांच और 860 डॉट्स केंद्र

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता ने बताया कि 52 केंद्रों पर बलगम की जांच कराई जा रही है। 860 डाॅट्स केंद्र बनाए गए हैं, जहां मरीजों को दवा दी जाती है। मरीजों के परिजन को भी टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट दिया जा रहा है, ताकि बीमारी मरीज से परिजन को नहीं लगे। 15 दिन से अधिक खांसी रहने, वजन कम होने, भूख कम लगने और सांस फूलने पर तत्काल जांच कराएं।



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