ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा कोतवाली इलाके में करोड़ों की संपत्ति, जमीन के मुआवजे और मकानों के बंटवारे का विवाद में हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। रबूपुरा के नगला पदम सिंह गांव में महेश, पत्नी ललिता और तीन बच्चों की मौत के मामले में संपत्ति का विवाद भी जांच के केंद्र में है।
महेश की मां चंद्रवती के पास दिल्ली, रबूपुरा, बिलासपुर और खुर्जा क्षेत्र में करोड़ों रुपये की संपत्ति बताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि परिवार की संपत्ति और उससे मिलने वाली रकम को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी।
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परिवार के पांच सदस्यों की मौत के बाद जांच के लिए पहुंची पुलिस
– फोटो : पीटीआई
आरोप है कि दोनों बेटियों ने दबाव बनाकर जमीन और मुआवजे से मिली रकम आपस में बांट ली थी। जबकि दोनों बेटों को कुछ नहीं दिया गया। सामने आई ऑडियो रिकॉर्डिंग में भी प्रॉपर्टी को लेकर हुए विवाद की बात सामने आई है।
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मृतक ललिता की फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कहीं मकान, कहीं जमीन तो कहीं करोड़ों का मुआवजा
ग्रामीणों के मुताबिक, चंद्रवती की संपत्ति अलग-अलग जगहों पर है। दिल्ली के खेड़ा कला में उनके दो मकान बताए जा रहे हैं। इनमें से एक में बेटी सपना रहती थी जबकि दूसरा मकान बंद रहता था। रबूपुरा के नगला पदम सिंह वाला मकान दूसरी बेटी सुनीता के नाम किए जाने की बात सामने आई है।
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परिवार के पांच लोगों की मौत के बाद विलाप करते परिजन
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बिजली के बिल में बहन सुनीता का नाम देखकर महेश ने आपत्ति भी जताई थी। इसके अलावा बिलासपुर में प्लॉट भी था, जिसे करीब छह महीने पहले लगभग 80 लाख रुपये में बेचा गया था। आरोप है कि इससे मिली रकम भी दोनों बेटियों में बांट दी गई।
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मृतक महेश की फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चार बीघा जमीन और मुआवजे की रकम भी बंटी
चंद्रवती के पास खुर्जा के कनैनी गांव के पास करीब चार बीघा जमीन होने की जानकारी भी सामने आई है। गांव के रहने वाले अमीरपाल ने बताया कि इसमें से दो बीघा जमीन कुछ समय पहले बेची गई थी, जिससे करीब 40 लाख रुपये मिले थे। रबूपुरा क्षेत्र में पहले अधिग्रहीत जमीन का करीब सवा करोड़ रुपये मुआवजा मिला था।