मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से जातिवाद फैलाने वालों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जिन्हें कुछ नहीं करना है, वे सामाजिक एकता को छिन्न-भिन्न करने का पाप कर रहे हैं। जातिवाद ने समाज की नींव को दरकाया, इसलिए देश कमजोर हुआ। जातिवाद की राजनीति देश की नींव को कमजोर कर रही है। बांटने की राजनीति फिर से हम सबको गुलामी की तरफ धकेल रही है। इससे बचने के लिए हमें एकजुटता के भाव से बढ़ना होगा।

सीएम रविवार को चित्तौड़गढ़ के ईनाणी सिटी सेंटर में जौहर श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित किया और पंजाब के पूर्व राज्यपाल वीपी सिंह की पुस्तक का विमोचन किया।

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उन्होंने कहा कि यूपी में परिवर्तन के पीछे पीएम मोदी का मार्गदर्शन है तो तेज चित्तौड़गढ़ का है। मेरे दादा गुरु इसी भूमि से गोरखपुर गए थे। वर्ष 1303, 1535 और 1568 में तीन बड़े जौहर यहां देखने को मिले। भारत का इतिहास वीरांगनाओं के जौहर से भरा पड़ा है। यूपी में जब हमारी सरकार बनी तो नारी गरिमा-सुरक्षा के मामले में सरकार ने जीरो टॉलरेंस के तहत काम किया।

प्रदेश में बेटियां अब स्कूल भी जाती हैं, नाइट शिफ्ट में काम भी करती हैं और सकुशल घर आती हैं। अयोध्या में राम मंदिर भी बना और गुलामी का कोई चिह्न भी नहीं बचा। इस अवसर पर मेवाड़ के महाराणा विश्वराज सिंह, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान सरकार के कई मंत्री आदि मौजूद रहे।

नेताजी होते तो पापी पाकिस्तान नहीं होता

सीएम ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आह्वान किया था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। नेताजी होते तो पापी पाकिस्तान भी नहीं होता। उनका आह्वान भारत की अस्मिता, आजादी और नौजवानों के लिए था। जापान, सिंगापुर, पोर्ट ब्लेयर, म्यांमार में उनके योगदान का स्मारक हमारा आह्वान करता है। इस अवसर पर उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज व गुरु गोविंद सिंह जैसे राष्ट्रनायकों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि बाबर, औरंगजेब और अकबर के खानदान का अता-पता नहीं है, लेकिन महाराणा प्रताप की वंशावली महाराजा साहब मंच पर उपस्थित हैं। रानी पद्मिनी की वंशावली सैकड़ों वर्ष बाद आज भी है।



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