Jansath Alvida Jumma के अवसर पर Muzaffarnagar जनपद के जानसठ कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम देखने को मिले। रमजान माह के अंतिम जुमे की नमाज को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में शांति और सौहार्द का माहौल बना रहा।
धार्मिक स्थलों और चौराहों पर कड़ी सुरक्षा
Jansath Alvida Jumma को देखते हुए कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों के बाहर तथा प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत—
👉 मस्जिदों के बाहर पुलिस की निगरानी रही
👉 मुख्य चौराहों पर जवान तैनात रहे
👉 संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती गई
अधिकारी लगातार करते रहे क्षेत्र का भ्रमण
कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार सिंह और सिखेड़ा थाना प्रभारी योगेन्द्र शर्मा पुलिस टीम के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे।
उन्होंने गांव-गांव जाकर यह सुनिश्चित किया कि नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा हो और कहीं भी किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
इन गांवों में विशेष निगरानी
Jansath Alvida Jumma के दौरान चित्तौड़ा, कवाल, तिसंग, तालड़ा, सलारपुर, मेहलकी, गढ़ी सिखेड़ा, नंगला कबीर, निराना, भंडूरा और खेड़ी वीरान सहित कई गांवों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई।
इन सभी क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय उपस्थिति ने शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कस्बे में भी तैनात रही पुलिस
जानसठ कस्बे में चौकी प्रभारी विशाल राठी पुलिस बल के साथ धार्मिक स्थलों पर तैनात रहे। उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद कर सहयोग की अपील भी की।
एसडीएम ने की शांति बनाए रखने की अपील
Jansath Alvida Jumma के अवसर पर एसडीएम राजकुमार भारती भी क्षेत्र में सक्रिय रहे। उन्होंने लोगों से अपील की कि—
👉 त्योहार को आपसी भाईचारे के साथ मनाएं
👉 किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें
👉 शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें
शांतिपूर्ण माहौल में अदा हुई नमाज
सभी गांवों और कस्बों में अलविदा जुमे की नमाज पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
सौहार्द का दिखा उदाहरण
Jansath Alvida Jumma के दौरान क्षेत्र में आपसी सौहार्द और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। लोगों ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए त्योहार को शांति से मनाया।
जानसठ क्षेत्र में अलविदा जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होना प्रशासन की सतर्कता और आमजन के सहयोग का परिणाम है। सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिस तरह से भाईचारे और शांति का संदेश सामने आया, वह आने वाले त्योहारों के लिए भी सकारात्मक संकेत देता है।
