झांसी-उरई नेशनल हाईवे पर बस चेकिंग के दौरान छह यात्रियों के बिना टिकट मिलने पर कार्रवाई करना परिचालक को नागवार गुजरा। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान परिचालक ने सहायक यातायात निरीक्षक से मारपीट कर दी। शर्ट पर लगा बॉडी वार्न कैमरा भी झपटकर छीन लिया। बीच-बचाव करने पहुंचे बहराइच निवासी और झांसी रोडवेज में एसएम के पद पर तैनात संतोष कुमार के साथ भी मारपीट का आरोप है। परिचालक कैमरा छीनकर धान के खेत में फेंककर भाग गया। मामले में एट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
एफआईआर के अनुसार, उरई डिपो की बस संख्या यूपी 78 एलएन 3340 बुधवार को झांसी से उरई आ रही थी। सुबह करीब 3:47 बजे पिरौना चौकी से करीब 500 मीटर आगे सहायक यातायात निरीक्षक मो. हामिद और यातायात निरीक्षण टीम ने बस को रोककर चेक किया। बस में 28 यात्री सवार थे। जांच में छह यात्री बिना टिकट मिले। टीम ने सभी यात्रियों का विवरण ईटीआईएम में दर्ज किया और मार्ग पत्र पर भी टिप्पणी अंकित की।
इसके बाद परिचालक विकास कुमार से मार्ग पत्र पर की गई टिप्पणी के नीचे हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया। आरोप है कि परिचालक ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर कहासुनी बढ़ गई। परिचालक ने सहायक यातायात निरीक्षक की शर्ट पर लगा बॉडी वार्न कैमरा झपटकर छीन लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
विवाद बढ़ता देख बहराइच निवासी एसएम संतोष कुमार बीच-बचाव करने पहुंचे। एफआईआर में आरोप है कि परिचालक ने उनके साथ भी मारपीट की। इस दौरान बस चालक चंद्रशेखर ने बीच-बचाव किया। आरोप है कि परिचालक बॉडी वार्न कैमरा लेकर धान के खेत की ओर गया और उसे खेत में फेंक दिया। परिचालक ने जान से मारने की धमकी भी दी। घटना की सूचना तत्काल 112 नंबर पर दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और खेत में बॉडी वार्न कैमरे की तलाश की। मामले में एट थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। थाना प्रभारी शिव शंकर सिंह ने बताया कि प्राथमिक की दर्ज कर ली गई है जांच की जा रही है।
