गूगल ने हाल ही में अपने AI Pro प्लान में कुछ बदलाव किए हैं। कंपनी ने एक तरफ यूट्यूब प्रीमियम लाइट जैसा नया फायदा जोड़ा, वहीं दूसरी तरफ AI उपयोग लिमिट्स को भी बदल दिया। अब कंपनी डेली प्रॉम्प्ट लिमिट की जगह कंप्यूट-बेस्ड सिस्टम ला रही है। यानी यूजर को कितना एआई का यूज करना है, ये उसकी चैट की लंबाई, फीचर का यूज और रिक्वेस्ट पर निर्भर करेगा। गूगल ने 5 घंटे की रोलिंग विंडो सिस्टम भी लागू किया है। इसमें यूजर्स को लिमिट खत्म होने पर अगला कोटा रिफ्रेश होने का इंतजार करना होगा।
जियो यूजर्स को क्यों नहीं मिलेगा YouTube Premium Lite?
गूगल और रिलायंस जियो ने पिछले साल 18 महीने का फ्री गूगल एआई प्रो ऑफर पेश किया था, लेकिन अब गूगल ने स्पष्ट किया है कि इस ट्रायल ऑफर के दौरान YouTube Premium Lite का एक्सेस नहीं दिया जाएगा। जेमिनी एआई सब्सक्रिप्शन के प्रोडक्ट लीड विकास कंसल ने एक्स पर बताया कि यह सुविधा केवल पेड एआई प्रो सब्सक्राइबर्स के लिए ही होगी। यानी अगर कोई यूजर Jio के जरिए फ्री AI Pro इस्तेमाल कर रहा है, तो उसे Premium Lite तभी मिलेगा जब वह ट्रायल खत्म होने के बाद पेड प्लान खरीदेगा।
YouTube Premium Lite में क्या मिलता है?
आपको बता दें कि यूट्यूब प्रीमियम लाइट एक बेसिक प्रीमियम प्लान है, जिसमें ज्यादा वीडिया एड फ्री देखे जा सकते हैं। हालांकि इसमें कुछ सीमाएं भी हैं। जैसे की इसमें यूट्यूब म्यूजिम प्रीमियम, बैकग्राउंड प्ले, ऑफलाइन डाउनलोड, शॉर्ट्स पर एड फ्री अनुभव, हाई-क्वालिटी ऑडियो फीचर्स नहीं मिलते है।
गूगल AI Pro यूजर्स क्यों नाराज हैं?
AI Pro लिमिट्स में बदलाव के बाद रेडिट और सोशल मीडिया पर कई यूजर्स नाराज भी दिखाई दिए। खासकर r/GeminiAI subreddit पर लोगों ने शिकायत की है कि गूगल ने बड़े बदलाव की जानकारी ठीक से नहीं दी। कुछ यूजर्स का कहना है कि अब लंबी एआई चैट्स जल्दी लिमिट खत्म कर देती हैं, जिससे प्रीमियम अनुभव प्रभावित हो रहा है।
गूगल का फोकस AI इकोसिस्टम बढ़ाने पर
गूगल लगातार जेमिनी एआई और अपने सब्सक्रिप्शन मॉडल को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। कंपनी AI फीचर्स के साथ यूट्यूब, ड्राइव और दूसरे गूगल सर्विसेज को जोड़कर एक बड़ा AI इकोसिस्टम तैयार कर रही है। हालांकि, जियो यूजर्स के लिए यूट्यूब प्रीमियम लाइट पर लगी यह शर्त कई लोगों के लिए निराशाजनक साबित हो सकती है।
