आगरा के शाहगंज क्षेत्र में 4 अप्रैल की सुबह ट्रांसपोर्टर असगर अली की कार से टक्कर मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार बरामद कर ली है। मौजूदा समय में कार शहर की एक गोशाला में काम करने वाले जालौन के मूल निवासी युवक के नाम है। हालांकि पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि उस युवक से पहले कार नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय सिंह यादव के भाई के नाम दर्ज थी।
घटना से कुछ दिन पहले ही अजय के भाई ने कार युवक के नाम ट्रांसफर की थी। इस तथ्य के सामने आने के बाद अब पुलिस अजय और उनके भाई से पूछताछ की तैयारी कर रही है। शाहगंज के मेवाती गली निवासी ट्रांसपोर्टर असगर अली का शव मल्ल का चबूतरा क्षेत्र में मिला था। शुरू में पुलिस इसे हादसा मान रही थी लेकिन परिजन ने दावा किया कि असगर ने महिला अधिकारी के खिलाफ शासन में शिकायत की थी जबकि अधिकारी ने असगर पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसी से उनमें विवाद था।