ये है मामला
27 अप्रैल को रात के समय नौगांव के पास रजबहे में एक युवती का शव मिला था, जिसकी गला रेतकर हत्या की गई थी। उस समय शव की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। रजबहे के आसपास से सक्रिय मोबाइल लोकेशन चेक की गई। इसमें कई मोबाइल नंबर संदेह के दायरे में आए। इसके बाद की जांच बागपत तक पहुंची। काफी प्रयास के बाद युवती की पहचान बागपत निवासी राखी कश्यप के रूप में हुई।
वहीं, 17 अप्रैल को बड़गांव थाना क्षेत्र के हसनपुर लोटनी गांव के पास लिंक नहर में एक युवक का गोली लगा शव मिला था। उसकी भी पहचान नहीं हो सकी थी। वह शव प्रयागराज निवासी विक्रांत का था, जो बागपत के डूडा कार्यालय में संविदा पर प्रोजेक्ट मैनेजर था।
इस तरह खुलता गया मामला
एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बताया कि छानबीन के दौरान राखी के संपर्क में रहने वाले कई युवकों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पता चला कि राखी और विक्रांत प्रेमी-प्रेमिका थे। राखी और विक्रांत के अलावा कई अन्य भी इनके संपर्क में थे। ये चार से पांच लोगों का ग्रुप था। राखी का सुधारस के साथ काफी मेलजोल था। कुछ दिन पहले सभी बागपत में एक साथ बैठकर पार्टी कर रहे थे।
इसी दौरान उनकी कहासुनी हो गई और गोली लगने से विक्रांत घायल हो गया था। गोली योजनाबद्ध तरीके से मारी गई थी या फिर अनजाने में लगी, इसकी अभी जांच की जा रही है। राखी भी अपने पास पिस्टल रखती थी। इसके बाद सभी ने विक्रांत को घायल अवस्था में गाड़ी में डाला और बड़गांव के हसनपुर लोटनी गांव के पास कपड़ों में लपटकर नहर में फेंक दिया। उस पर वजनदार वस्तु से भी वार किए गए थे। बागपत में विक्रांत की पत्नी ने गुमशुदगी दर्ज करा दी, जिसके बाद बागपत पुलिस ने राखी समेत सभी से पूछताछ की।
विक्रांत का केस न खुले, इसलिए राखी को मार डाला
पुलिस के अनुसार, सुधारस व अन्य साथियों को डर था कि कहीं विक्रांत का केस न खुल जाए। इसलिए राखी की हत्या करने की योजना बनाई गई। योजना के तहत राखी को मिर्जापुर थाना क्षेत्र के नौगांवा के पास एक फार्म हाउस पर लाया गया।




