कासगंज के गंजडुंडवारा क्षेत्र में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां ठगों ने टेरर फंडिंग का डर दिखाकर एक मेडिकल संचालक को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। उससे करीब 31 लाख रुपये ठग लिए। मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मोहल्ला खैरू निवासी मेडिकल संचालक मुहम्मद स्वालेह अंसारी ने बताया कि 12 मार्च को उनसे व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से संपर्क किया गया। कॉल करने वालों ने खुद को सीबीआई और एनआईए का अधिकारी बताते हुए आरोप लगाया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर फर्जी बैंक खाता खोला गया है, जिससे टेरर फंडिंग और आपत्तिजनक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।

ठगों ने उन्हें कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर मानसिक दबाव बनाया और डिजिटल अरेस्ट जैसा माहौल पैदा कर दिया। इसके बाद 12 मार्च से 19 मार्च के बीच अलग-अलग किश्तों में उनके खाते से लगभग 31 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। आरोपियों ने पीड़ित को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की जांच के बाद रकम वापस करने का झांसा भी दिया, जिससे पीड़ित लंबे समय तक उनके झांसे में बना रहा। जब ठगी का अहसास हुआ तो पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। इस संबंध में सीओ पटियाली संदीप वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और साइबर ठगों की पहचान के लिए जांच की जा रही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस तरह की कॉल या संदेश मिलने पर सतर्क रहें और किसी भी स्थिति में अपनी बैंकिंग जानकारी या धनराशि साझा न करें।

 



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