जलभराव मिलने पर एडीओ पंचायत को जिम्मेदार ठहराने के सीडीओ के आदेश के बावजूद मिढ़ाकुर कस्बे में हालात नहीं सुधरे हैं। बारिश के बाद बिजलीघर वाले तालाब का पानी सड़क पर भर गया है, जबकि दाऊजी मंदिर वाले तालाब का पानी गलियों से होते हुए घरों की दहलीज तक पहुंच गया है। बृहस्पतिवार शाम बिजलीघर वाले तालाब में पैर फिसलने से एक महिला गिर गई। समस्या से नाराज लोगों ने शुक्रवार को अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया।
मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने जिला पंचायतराज अधिकारी को गांवों में जलभराव की स्थिति पर निगरानी रखने और जल निकासी के इंतजाम कराने के निर्देश दिए थे। उन्होंने लंबे समय तक जलभराव रहने पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत (एडीओ पंचायत) को जिम्मेदार ठहराने की बात कही थी। इसके बावजूद मिढ़ाकुर में तालाबों का पानी सड़क और गलियों में भरा हुआ है। बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे कस्बा निवासी सितारा बिजलीघर वाले तालाब के पास से गुजर रही थीं। सड़क पर भरे पानी के कारण पैर फिसलने से वह तालाब में जा गिरीं। यह देख चोथा भगत ने रस्सी की मदद से उन्हें बाहर निकाला। परिजन उन्हें बिचपुरी स्थित निजी अस्पताल ले गए। रात करीब आठ बजे हालत में सुधार होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
परिजनों के अनुसार अब उनकी हालत में सुधार है। उधर, दाऊजी मंदिर वाले तालाब का पानी ओवरफ्लो होकर गलियों में भर गया है। दाऊजी मंदिर और शिव मंदिर के आसपास पानी जमा होने के साथ ही कई घरों की दहलीज तक पानी पहुंच गया है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे स्थानीय लोगों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। धीरेंद्र सिंह ने बताया कि हर वर्ष बारिश के बाद तालाब का पानी गलियों में भर जाता है। शिकायतों के बावजूद अब तक जल निकासी का स्थायी इंतजाम नहीं कराया गया है। लोगों ने प्रशासन से तालाबों के पानी की निकासी और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। प्रदर्शन में पूर्व प्रधान दौलतराम, रामवीर पटेल, महेंद्र सिंह, शरीफ खान, भीकम सिंह, मुकीम खान और विजेंद्र सिंह शामिल रहे।
