Nadwa college will start english speaking course for its students.

प्रतीकात्मक तस्वीर।
– फोटो : पीटीआई

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दारुल उलूम नदवातुल उलमा (नदवा) के छात्र अब उर्दू, अरबी के साथ अंग्रेजी में भी बातचीत करेंगे। नदवा अपने छात्रों के लिए इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स शुरू करने जा रहा है। इससे विदेश में आसानी से रोजगार के अवसर मिलेंगे। ये लोग पश्चिमी मुल्कों में कुरान व हदीस की बारीकियां आसानी से लोगों को समझा सकेंगे।

इस्लामिक शिक्षा के लिए दुनिया भर में अलग पहचान रखने वाले लखनऊ के नदवा में हर साल देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा थाईलैंड, सिंगापुर, मलयेशिया, इंडोनेशिया व दक्षिण अफ्रीका सहित कई मुल्कों से छात्र आलिया (इंटर के समकक्ष) से लेकर फाजिल (परास्नातक के समकक्ष) तक की शिक्षा हासिल करने आते हैं। नदवा में छात्रों को कुरान, हदीस, इस्लामिक शिक्षा, अरबी, फारसी, उर्दू के अलावा अंग्रेजी की शिक्षा दी जाती है। पाठ्यक्रम में अंग्रेजी होने से यह भाषा समझना आसान रहता है, लेकिन अधिकांश छात्र इसे बोलने में असमर्थ रहते हैं। इसे देखते हुए प्रबंधन इंग्लिश स्पीकिंग के साथ अरबी स्पीकिंग कोर्स भी चलाने जा रहा है।

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दो शिफ्ट में चलेंगी कक्षाएं

नदवा के सचिव मौलाना जाफर हसनी नदवी ने बताया कि इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक दो शिफ्ट में चलेगा। शुरुआत में 120 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। नदवा की महादुल आली बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर 20-20 छात्रों के बैच की छह कक्षाएं चलेंगी। इसके लिए छह शिक्षकों को नियुक्त किया गया है। कोर्स आठ माह का होगा। इसमें अंग्रेजी में बातचीत के अलावा आर्ट ऑफ पब्लिक स्पीच, पर्सनालिटी डवलपमेंट, ओपन डिबेट आदि की शिक्षा दी जाएगी। इसी तरह अरबी के लिए अलग से छह शिक्षकों को नियुक्त किया गया है।

यहां के छात्रों की विदेश में मांग

मौलाना जाफर नदवी ने बताया कि यहां के छात्रों की देश के साथ अमेरिका, ब्रिटेन, थाईलैंड व ऑस्ट्रेलिया के शिक्षण संस्थानों में शिक्षक के रूप में और मस्जिदों में इमाम के तौर पर खासी मांग रहती है। लेकिन अंग्रेजी में बातचीत न कर पाने से तमाम छात्र ये अवसर खो देते हैं। इसलिए विशेष तौर पर इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स शुरू किया जा रहा है।



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