बेटी के जन्म की खुशी और भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था ने मथुरा के लक्ष्मी नगर निवासी सचिन को 110 लीटर गंगाजल की कांवड़ उठाने का संकल्प पूरा करने के लिए प्रेरित किया। नंगे पांव कांवड़ लेकर राजघाट से मथुरा की ओर निकले सचिन की यह यात्रा लोगों के लिए आस्था और विश्वास की मिसाल बन गई है।

अलीगढ़ से गुजरते हुए सचिन बताते हैं कि उनके परिवार में लंबे समय तक बेटी का इंतजार रहा। उनके पिता लाखन सिंह की कोई बहन नहीं थी। इसके बाद चार भाइयों के घर भी काफी समय तक बेटी की किलकारी नहीं गूंजी। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से मन्नत मांगी थी कि यदि उनके घर बेटी जन्म लेगी तो वह कांवड़ लाकर जलाभिषेक करेंगे।

गंगाजल से बेटी को भी स्नान कराएंगे

सचिन ने बताया कि भगवान शिव की कृपा से उनकी पत्नी निशा ने पहली संतान के रूप में बेटी दिव्या को जन्म दिया। बेटी अब करीब एक वर्ष की होने वाली है। मन्नत पूरी होने पर सचिन 110 लीटर गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा पर निकल पड़े हैं। सचिन का कहना है कि सबसे पहले वह भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद उसी गंगाजल से बेटी दिव्या को स्नान कराएंगे। उनके लिए यह यात्रा सिर्फ धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि बेटी के जन्म की खुशी और भगवान के प्रति धन्यवाद का भाव है।

संकल्प पूरा करने में भाई दे रहे साथ

इस यात्रा में सचिन के भाई प्रीत, अन्नू और शिवा भी उनके साथ चल रहे हैं। हालांकि कांवड़ का भार सचिन स्वयं उठा रहे हैं। भाई रास्ते में उनकी सहायता कर रहे हैं। सचिन ने बताया कि संकल्प के अनुसार वह पूरी यात्रा नंगे पांव ही पूरी करेंगे।



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