मौसम लगातार बदल रहा है। बीते सप्ताह से पारे में कई डिग्री सेल्सियस का अंतर देखा गया। इससे वायरल बुखार, हड्डी रोग और त्वचा रोग के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द की परेशानी लेकर भी मरीज पहुंच रहे हैं।

एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा विभाग के डॉ. मृदुल चतुर्वेदी ने बताया कि महीने भर से वायरल बुखार जोर पकड़ रहा है। तापमान में अंतर होने से जुकाम-खांसी, गले में खराश-सूजन और शरीर में दर्द की शिकायतें लेकर लोग आ रहे हैं। ओपीडी में आए 866 मरीजों में से 70 फीसदी मरीजों को यही परेशानी मिली। बीपी और मधुमेह का स्तर भी अनियंत्रित पाया गया।

हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र शकुंत ने बताया कि ओपीडी में 418 मरीज आए। बीते दिनों में पारा कम होने और ठंडी हवा चलने से पुरानी चोट के दर्द उखड़ आए हैं। मरीज गर्दन, कमर और कंधों में भी दर्द बता रहे हैं। त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि ओपीडी में 429 मरीज आए। इस मौसम में अर्टिकेरिया की परेशानी बढ़ गई है। इसे सामान्य बोलचाल में पित्ती कहते हैं। इसमें शरीर पर लाल चकत्ते उभर आते हैं।

पर्चे के लिए धक्कामुक्की, मारामारी

एसएन में सोमवार को 4245 मरीज आए। हालत यह रही कि सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक हॉल ठसाठस भरा रहा। पर्चा बनाने, डॉक्टर को दिखाने, दवा लेने के लिए 4-5 घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ा। धक्कामुक्की भी हुई। बुजुर्ग और महिला मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि सोमवार को अन्य दिनों के मुकाबले मरीजों की संख्या डेढ़ गुना तक रहती है। जल्द ही ओपीडी की दूसरी मंजिल बनाने का कार्य शुरू होने वाला है, जिससे स्थान और बढ़ जाएगा।

 4245: मरीज कुल आए

866: मेडिसिन विभाग

429: त्वचा रोग

418: हड्डी रोग

331: वक्ष एवं सांस रोग

279: ईएनटी रोग



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