बदायूं में एचपीसीएल के अधिकारी हर्षित मिश्रा के परिजनों का एसएसपी से मिलना और बंद लिफाफे में आरोपियों के नाम देने के अलावा सभी सुबूत पुलिस के हाथ लगने के बाद आरोपी अजय प्रताप सिंह के परिवार से लेकर प्लांट में काम करने व आरोपी का साथ देने वाले लोगों में खलबली मची हुई है। सूत्र बता रहे हैं कि पुलिस हत्या के मामले में आठ से दस नाम विवेचना में शामिल कर सकती है। इसको लेकर क्षेत्र में तमाम चर्चाओं का बाजार गर्म है।
मंगलवार को जिस तरह से हर्षित मिश्रा के परिजन डीएम अवनीश राय व एसएसपी अंकिता शर्मा से मिले और आश्वासन के बाद संतुष्ट दिखे उससे साफ हो गया है कि उन्होंने जो भी नाम विवेचना में शामिल होने को दिए हैं उन सबके नाम जल्द ही शामिल कर लिए जाएंगे। विवेचक ने इस ओर जांच शुरू कर दी है। इसमें आठ से दस नाम बताए जा रहे हैं।
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गौरतलब है कि मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैंजनी गांव स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट में उप महाप्रबंधक सुधीर कुमार गुप्ता व सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की 12 मार्च को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के आरोपी अजय प्रताप सिंह को जेल भेजा चुका है। उसके परिवारवाले भागे हुए हैं। मंगलवार को आरोपी और उसके ताऊ की 11 दुकानों को बुलडोजर से ढहा दिया गया था।