बदायूं के सैंजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में हुई दो अफसरों की हत्या के मामले में तफ्तीश जारी है। सूत्रों के मुताबिक कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में भाजपा का एक युवा नेता भी फंसता नजर आ रहा है। विशेष जांच दल (एसआईटी) तफ्तीश में उसका नाम शामिल कर सकता है। दोहरे हत्याकांड में मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी की अध्यक्षता वाली एसआईटी विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। वहीं पीड़ित परिवार सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हैं। एसआईटी जांच में आरोपी अजय प्रताप सिंह के राजनीतिक जुड़ाव का खुलासा हो सकता है।
सूत्र बताते हैं कि अजय और उसके तहेरे भाई अभय का इस युवा नेता से गहरा जुड़ाव था। अक्सर राजनीतिक कार्यक्रमों में ये दोनों अफसरों के बगल में बैठकर रौब गांठते थे। इनके फोटो भी वायरल हैं। शायद यही वजह थी जो अजय इतने बेखौफ तरीके से दोहरे हत्याकांड को अंजाम दे बैठा, उसे यकीन था कि नेता की पहुंच सीधी लखनऊ और दिल्ली तक है और वह उसे बचा लेगा। तेल कंपनी के दो अफसरों की हत्या के बाद अजय को एनकाउंटर का डर सताने लगा था। सूत्र बताते हैं कि अपनी जान बचाने के लिए उसने एक नेता को कॉल कर घटना की जानकारी दी। वह कहीं भागने के मूड में था, लेकिन नेता ने ही उसे आत्मसमर्पण करने की सलाह दे दी।
