पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 26 और 27 मार्च को बारिश के आसार जताए हैं। 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा भी चल सकती है।
सोमवार को भी दिल्ली-एनसीआर में हुई बारिश का असर झांसी में भी देखने को मिला। बादलों की आवाजाही के साथ ही ठंडी हवा भी चलती रही। ऐसे में दोपहर में धूप खिली रहने के बावजूद सूरज की तपिश का बहुत असर नहीं हुआ। शाम को घने बादल छा गए और तेज हवा चलने लगी। ऐसे में वातावरण में ठंडक घुल गई। अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.6 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम पारा 18.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.6 डिग्री कम है। कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आदित्य कुमार सिंह का कहना है कि अब पश्चिमी विक्षोभ के फिर सक्रिय होने से मौसम में दो दिन बाद बदलाव देखने को मिलेगा। 26 और 27 मार्च को मिलाकर जनपद में 10 मिलीमीटर पानी गिर सकता है। इससे तापमान में भी गिरावट आएगी।
पकी फसलों की कटाई-मड़ाई कर अनाज सुरक्षित स्थान पर रखें
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय खेतों में गेहूं, चना और सरसों की फसल लगी हुई है। बारिश की संभावना के चलते किसान पकी फसलों की कटाई-मड़ाई करके अनाज को सुरक्षित स्थान पर रख लें।
शुरुआती आकलन में फसलों को 30 फीसदी से कम नुकसान
जनपद में 20 मार्च को हुई झमाझम बारिश के चलते फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों की सूचना पर जिला प्रशासन ने नुकसान के आकलन के लिए सर्वे भी शुरू करवा दिया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व वरुण कुमार पांडेय ने बताया कि सर्वे अभी चल रहा है। शुरुआती सर्वे में गेहूं, चना आदि फसलों को 30 फीसदी से कम नुकसान सामने आया है। सर्वे पूरा होने के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो
